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India Daily

BRICS 2026: दिल्ली सम्मेलन में हुए 5 बड़े फैसले, भारत को मिली ऐतिहासिक कूटनीतिक जीत

दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में 5 प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी. आतंकवाद के खिलाफ कड़े संदेश और यूएनएससी सुधारों की मांग के साथ भारत ने बड़ी कूटनीतिक सफलता हासिल की.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
BRICS 2026: दिल्ली सम्मेलन में हुए 5 बड़े फैसले, भारत को मिली ऐतिहासिक कूटनीतिक जीत
Courtesy: @narendramodi

दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का समापन एक साझा और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प के साथ हुआ. दुनिया की आधी आबादी और 40 प्रतिशत से अधिक जीडीपी का प्रतिनिधित्व करने वाले इस मंच पर 11 सदस्य देशों, 12 सहयोगी देशों और संयुक्त राष्ट्र (UN) समेत 5 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.

आतंकवाद पर कड़ा रुख और 'दिल्ली घोषणा पत्र'

सम्मेलन के बाद जारी 'दिल्ली घोषणा पत्र' में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया. पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए टेरर फंडिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर सहमति बनी. चीन ने भी इस पर हस्ताक्षर किए, जिसे भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है. इसके साथ ही एकतरफा सैन्य कार्रवाई और व्यापारिक जहाजों के वैश्विक मार्गों को प्रभावित करने वाली जंग को बातचीत से सुलझाने पर बल दिया गया.

आर्थिक सहयोग और ग्लोबल वैल्यू चेन

ग्लोबल वैल्यू चेन (2026-2030) के तहत सदस्य देशों ने अपने बाजारों को एक-दूसरे के लिए खोलने और आपसी सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया. अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बिना सोचे-समझे एकतरफा टैरिफ लगाने पर चिंता जताई गई. चीन ने व्यापार, करेंसी, डेटा और स्किल शेयरिंग को अधिक लचीला बनाने पर सहमति व्यक्त की.

पर्यावरण निगरानी और यूएनएससी सुधार

पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन समझौते को मंजूरी दी गई. इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की संरचना में तत्काल सुधार करने और इसमें 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) की भागीदारी बढ़ाने की मांग को मजबूती से दोहराया गया. वैश्विक तनाव के बीच भारत ने शांति और आर्थिक स्थिरता का प्रभावी संदेश दिया.