चंडीगढ़: पंजाब के फाजिल्का में कांग्रेस के संगठनात्मक अभियान 'हर बूथ कांग्रेस मजबूत' के दौरान उस समय अप्रत्याशित स्थिति बन गई, जब कुछ कार्यकर्ताओं ने मंच के सामने नारेबाजी शुरू कर दी. देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और कुछ प्रदर्शनकारी मंच की ओर बढ़ने लगे. पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया. कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी और संगठन में अनुशासन बनाए रखने का संदेश भी दिया.
फाजिल्का-अबोहर रोड स्थित एक निजी पैलेस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा. लेकिन कुछ ही देर बाद नीचे बैठे कुछ कार्यकर्ताओं ने मंच के सामने नारेबाजी शुरू कर दी. इससे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. मंच पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं के सामने कार्यकर्ताओं का आक्रोश खुलकर दिखाई दिया.
नारेबाजी के बीच कुछ कार्यकर्ता मंच की ओर बढ़ने लगे, जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला. काफी देर तक समझाने और रोकने की कोशिश के बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों को कार्यक्रम स्थल से बाहर ले जाया गया. इसके बाद हालात सामान्य हुए और कार्यक्रम आगे बढ़ सका.
कार्यक्रम के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि 'हर बूथ कांग्रेस मजबूत' अभियान का मकसद बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन को मजबूत और सक्रिय बनाना है. उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत फतेहगढ़ साहिब से हुई थी. साथ ही उन्होंने SIR प्रक्रिया को लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया.
पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि कुछ लोग लगातार कांग्रेस के कार्यक्रमों में आकर व्यवधान पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है. उनकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर पार्टी नेतृत्व को भेजी जाएगी, ताकि संगठन के खिलाफ काम करने वालों पर उचित कार्रवाई की जा सके.
कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा. पार्टी का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ जोड़ने का प्रयास लगातार किया जाएगा.