चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन जनहित से जुड़े अहम मुद्दों और सरकार के विधायी एजेंडे के नाम रहने वाला है. मंगलवार को सदन में विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं को ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के माध्यम से उठाया जाएगा. इसके साथ ही सरकार एक संशोधन विधेयक भी विचार और पारित कराने के लिए सदन में पेश करेगी.पहले दिन पेपर लीक मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी. ऐसे में दूसरे दिन भी सदन का माहौल गर्म रहने के आसार हैं. विपक्ष सरकार को जनहित और हालिया विवादों पर घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपने विधायी कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी.
सत्र के दूसरे दिन संगरूर की विधायक नरिंदर कौर भराज अपने विधानसभा क्षेत्र के गांवों में तालाबों के ओवरफ्लो होने से पैदा हो रही समस्याओं का मुद्दा उठाएंगी. ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री से इस संबंध में सरकार का पक्ष और समाधान की जानकारी मांगी जाएगी.
जगराओं की विधायक सरबजीत कौर मानुके जगराओं और बेट क्षेत्र में जंगली सूअरों तथा नीलगायों की बढ़ती संख्या का मामला सदन में रखेंगी. इस मुद्दे पर वन एवं वन्य जीव संरक्षण मंत्री से जवाब मांगा जाएगा. क्षेत्र में वन्य जीवों से हो रही परेशानियों को लेकर सरकार की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है.
बठिंडा के विधायक जगरूप सिंह गिल नगर निगम सीमा से बाहर कूड़ा प्रबंधन संयंत्र स्थानांतरित करने का मुद्दा उठाएंगे. इस संबंध में स्थानीय निकाय मंत्री से सरकार का पक्ष और प्रस्तावित कदमों की जानकारी मांगी जाएगी. यह विषय भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत सदन में रखा जाएगा.
दूसरे दिन विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थाओं की वार्षिक रिपोर्ट तथा लेखे भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे. इनमें पंजाब स्टेट कंटेनर एंड वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन, पंजाब स्टेट बस स्टैंड मैनेजमेंट कंपनी, पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और डी-सिल्टिंग खरीद प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं.
सत्र के पहले दिन विपक्ष ने पेपर लीक मामले को लेकर सरकार को घेरा था और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस तथा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग की थी. पहले दिन हुए हंगामे के बाद दूसरे दिन भी इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने की संभावना जताई जा रही है.