कोटकपूरा: स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध देसी घी की बड़ी खेप मिलने के बाद दो कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कराई है. फरीदकोट रोड स्थित नारायण एग्रो फूड्स लिमिटेड की फैक्ट्री में सप्लाई के लिए पहुंचे टैंकर से करीब 22 हजार लीटर घी बरामद किया गया था. विभाग ने इसके नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई. रिपोर्ट में नमूने अनसेफ पाए गए. इसके बाद सिटी कोटकपूरा पुलिस ने ग्रेटर नोएडा की वर्सटाइल फूड्स एंड मार्कटिंग प्राइवेट लिमिटेड और नारायण एग्रो फूड्स लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया.
स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि बड़ी मात्रा में संदिग्ध देसी घी से भरा टैंकर कोटकपूरा की एक फैक्ट्री में पहुंचने वाला है. जानकारी मिलने के बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया. टैंकर की जांच के दौरान उसमें करीब 22 हजार लीटर संदिग्ध देसी घी मिला.
टैंकर से बरामद घी के अलग-अलग नमूने नियमों के तहत लिए गए. इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लैब से मिली रिपोर्ट में सभी संबंधित नमूने अनसेफ पाए गए. रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की और पुलिस को लिखित शिकायत दी.
पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की शिकायत के आधार पर ग्रेटर नोएडा की वर्सटाइल फूड्स एंड मार्कटिंग प्राइवेट लिमिटेड और कोटकपूरा की नारायण एग्रो फूड्स लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है. दोनों कंपनियों पर बीएनएस और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. एक कंपनी पर घी की सप्लाई और दूसरी पर उसे मंगाने का आरोप है.
फूड सेफ्टी अधिकारी नवदीप सिंह चहल ने बताया कि विभाग को टैंकर से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट मिल चुकी है. उनके अनुसार रिपोर्ट में नमूने बेहद अनसेफ पाए गए. थाना सिटी कोटकपूरा के एसएचओ सुखविंदर सिंह ने कहा कि प्राथमिक जांच में टैंकर के चालक और परिचालक की भूमिका फिलहाल सामने नहीं आई है.
स्वास्थ्य विभाग की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों कंपनियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब घी की सप्लाई और खरीद से जुड़े पूरे मामले की पड़ताल कर रही है. फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक टैंकर चालक और परिचालक को मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है. आगे की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.