चंडीगढ़: पंजाब गौ सेवा आयोग के वाइस चेयरमैन कीमती भगत मंगलवार को पठानकोट दौरे पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और बाद में प्रेस वार्ता कर बेसहारा पशुओं के प्रबंधन, गौशालाओं की स्थिति तथा गौ तस्करी जैसे मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया.
प्रेस वार्ता के दौरान कीमती भगत ने कहा कि सड़कों पर गाय और बैल को बेसहारा छोड़ने वाले पशु मालिकों के खिलाफ अब सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी. उन्होंने बताया कि आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं में हर वर्ष 200 से अधिक लोगों की जान चली जाती है. ऐसे में इस समस्या को लेकर अब सख्ती से कार्रवाई की जाएगी.
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गईं. तय किया गया कि शहरी क्षेत्रों में बेसहारा पशुओं के प्रबंधन की जिम्मेदारी नगर निगम और नगर परिषदों की होगी. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में इस कार्य की जवाबदेही बीडीपीओ कार्यालयों पर रहेगी.
दौरे के दौरान यह जानकारी सामने आई कि डेरीवाल गौशाला में वर्तमान में केवल 325 गायें हैं, जबकि इसकी क्षमता इससे कहीं अधिक है. वाइस चेयरमैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं और कैटल पोंड तक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज की जाए ताकि उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग हो सके.
जनता से भी किया सहयोग का आग्रह.
कीमती भगत ने लोगों से अपील की कि वे अपने पशुओं को सड़कों पर छोड़ने के बजाय नजदीकी सरकारी गौशालाओं में सौंपें. उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के सहयोग के बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है.
पठानकोट की सीमा जम्मू कश्मीर से जुडी होने के कारण गौ तस्करी के मुद्दे पर भी विशेष चर्चा हुई. वाइस चेयरमैन ने पुलिस और प्रशासन को सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकेबंदी मजबूत करने तथा पुराने और नए मामलों की गहन जांच करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि तस्करी में शामिल नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अर्शदीप सिंह लुवाना, पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. विजय कुमार सहित विभिन्न गौशालाओं के प्रतिनिधि और प्रबंधक भी मौजूद रहे. बैठक में बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण सुझावों पर चर्चा की गई.