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लुधियाना में कैफे को सर्विस चार्ज लगाना पड़ा महंगा, आयोग ने 10 हजार जुर्माना ठोका

आयोग के अनुसार कैफे को आदेश मिलने के 30 दिन के अंदर यह राशि चुकानी होगी. साथ ही सर्विस चार्ज पर 8 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा. आयोग ने इस व्यवहार को अनुचित व्यापार व्यवहार माना है.

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Edited By: Antima Pal
लुधियाना में कैफे को सर्विस चार्ज लगाना पड़ा महंगा, आयोग ने 10 हजार जुर्माना ठोका
Courtesy: Pinterest

पंजाब: लुधियाना के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक कैफे पर ग्राहक के बिल में जबरन सर्विस चार्ज जोड़ने को गलत ठहराया है. आयोग ने कैफे एलिजाबेथ-3 को 52.50 रुपये सर्विस चार्ज ब्याज समेत वापस करने और 10 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है. यह आदेश आयोग के अध्यक्ष संजीव बत्रा और सदस्य मोनिका भगत की पीठ ने हैबोवाल कलां निवासी रिषभ गुप्ता की शिकायत पर सुनाया.

लुधियाना में कैफे को सर्विस चार्ज लगाना पड़ा महंगा

आयोग के अनुसार कैफे को आदेश मिलने के 30 दिन के अंदर यह राशि चुकानी होगी. साथ ही सर्विस चार्ज पर 8 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा. आयोग ने इस व्यवहार को अनुचित व्यापार व्यवहार माना है.

आयोग ने 10 हजार जुर्माना ठोका

शिकायत के मुताबिक 24 जनवरी 2026 को रिषभ गुप्ता अपने दोस्तों के साथ कैफे एलिजाबेथ-3 पहुंचे थे. उन्होंने एक पिज्जा और डाइट कोक का कैन ऑर्डर किया. डाइट कोक का कैन बंद हालत में ही दिया गया था. इसके बावजूद कैफे ने बिल में 5 प्रतिशत यानी 52.50 रुपये सर्विस चार्ज जोड़ दिया. इसके अलावा जीएसटी भी लगाया गया जिससे कुल बिल 1,155 रुपये हो गया.

रिषभ गुप्ता ने कैफे के कर्मचारी के सामने आपत्ति जताई. लेकिन उन्हें बताया गया कि सर्विस चार्ज लेना कैफे की सामान्य प्रक्रिया है. ग्राहक ने बिल चुका दिया. बाद में उन्होंने कैफे को कानूनी नोटिस भेजा और सर्विस चार्ज वापस करने की मांग की. नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर कर दी.

आयोग ने सुनवाई के बाद पाया कि बंद डिब्बे वाले ड्रिंक पर सर्विस चार्ज लगाना सही नहीं है. ऐसे मामलों में ग्राहक को सेवा का कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलता. इसलिए कैफे का यह कदम अनुचित माना गया.