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India Daily

एपी ढिल्लों फायरिंग केस में बड़ा मोड़, अभिजीत किंगरा की भारत वापसी का रास्ता साफ

कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कथित शूटर अभिजीत किंगरा को डिपोर्ट करने का आदेश दिया है. उस पर एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग समेत कई गंभीर आरोप हैं.

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एपी ढिल्लों फायरिंग केस में बड़ा मोड़, अभिजीत किंगरा की भारत वापसी का रास्ता साफ
Courtesy: Social Media

चंडीगढ़: लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संबंध रखने वाले अभिजीत किंगरा के भारत प्रत्यर्पण का रास्ता अब लगभग साफ होता नजर आ रहा है. कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ने उसे देश से निर्वासित करने का आदेश जारी किया है. बोर्ड ने अपने फैसले में माना कि किंगरा का संबंध ऐसे आपराधिक नेटवर्क से रहा है, जिस पर हत्या, रंगदारी, धमकी और हिंसक घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं. हालांकि किंगरा इस आदेश के खिलाफ अपील की तैयारी कर रहा है.

कनाडाई अधिकारियों के फैसले के बाद अभिजीत किंगरा की कानूनी चुनौतियां और बढ़ गई हैं. बोर्ड ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध तथ्यों और न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर उसके गैंग से जुड़े होने के पर्याप्त संकेत मिले हैं. इसी आधार पर उसे कनाडा में रहने की अनुमति जारी रखने का कोई ठोस कारण नहीं पाया गया.

एपी ढिल्लों के घर पर हमले का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार सितंबर 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड इलाके में पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के घर के बाहर हुई फायरिंग में किंगरा का नाम सामने आया था. आरोप है कि उसने घर के बाहर कई राउंड गोलियां चलाई थीं, जबकि उसके सहयोगी ने वहां खड़े वाहनों को आग के हवाले कर दिया था. इस घटना के बाद मामला काफी चर्चा में आया था.

सुनवाई में क्या बोला किंगरा?

सुनवाई के दौरान किंगरा ने दावा किया कि उसे एक काम के बदले 4,000 कनाडाई डॉलर देने का प्रस्ताव मिला था. उसने कहा कि वह परिवार की आर्थिक सहायता करना चाहता था और उसे यह जानकारी नहीं थी कि कथित रूप से वह किस नेटवर्क के लिए काम कर रहा है. हालांकि जांच एजेंसियों ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया.

एजेंसियों ने पेश किए अपने तर्क

कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी ने कहा कि संगठित आपराधिक गिरोह कई स्तरों पर काम करते हैं और निचले स्तर के सदस्यों को अक्सर पूरे नेटवर्क की जानकारी नहीं होती. एजेंसी ने यह भी बताया कि गैंग से जुड़े कई मामलों की जांच अभी जारी है और हिंसा तथा रंगदारी की घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है.

अपील की तैयारी, लेकिन राह आसान नहीं

फिलहाल किंगरा एक गोलीबारी मामले में छह साल की सजा काट रहा है और एक अन्य मुकदमे का भी सामना कर रहा है. उसने दावा किया है कि भारत लौटने पर उसकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है. हालांकि बोर्ड ने कहा कि इस दावे के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए. उसकी अगली अदालत पेशी 18 जून को निर्धारित है.