चंडीगढ़ की एक अदालत ने विवाह के नाम पर धोखाधड़ी और गंभीर अपराध से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने जालंधर निवासी जगजीत सिंह को दुष्कर्म और ठगी का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. अभियोजन के अनुसार आरोपी ने अपनी दो शादियां छिपाकर तीसरी शादी की, खुद को अमेरिकी नागरिक बताया और पीड़ित परिवार से करोड़ों की संपत्ति का झूठा दावा कर लाखों रुपये ठग लिए. अदालत ने दोषी पर आर्थिक दंड भी लगाया है.
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले से दो शादियां कर चुका था और पहली पत्नी से उसकी एक बेटी भी थी. इसके बावजूद उसने वैवाहिक वेबसाइट पर नया परिचय बनाकर खुद को अविवाहित और अमेरिका में रहने वाला सफल कारोबारी बताया. इसी झूठ के आधार पर उसने पीड़िता और उसके परिवार का विश्वास हासिल किया.
जून 2022 में शादी होने के बाद आरोपी का व्यवहार बदलने लगा. पीड़िता के अनुसार उसने परिवार पर आर्थिक दबाव बनाया और करीब 75 लाख रुपये विभिन्न बहानों से ले लिए. शादी और अन्य समारोहों का पूरा खर्च भी पीड़ित परिवार ने ही उठाया. बाद में महिला को उसकी पहले की शादियों की जानकारी मिली.
मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि आरोपी ने अपने परिवार की झूठी कहानी गढ़ी थी. उसने माता-पिता की मृत्यु की मनगढ़ंत बात बताई और रोका में शामिल हुए लोगों को अपने रिश्तेदार बताया. बाद में जांच में पीड़िता ने दावा किया कि वे सभी कथित रिश्तेदार भी असली नहीं थे. हालांकि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर अदालत ने उन्हें बरी कर दिया.
पीड़िता को एक दिन घर में रखे बैग से कुछ दस्तावेज मिले. इन्हें देखने पर आरोपी के पुराने आपराधिक मामलों और पहले से विवाहित होने की जानकारी सामने आई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर दुष्कर्म तथा ठगी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया.
लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. साथ ही उस पर 1.15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. अदालत के फैसले को विवाह के नाम पर धोखाधड़ी और महिलाओं के साथ अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है.