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चंडीगढ़ में आज से शुरू हो रहा SIR, घर-घर पहुंचेंगे BLO; मतदाता सूची में गलती हुई तो कट सकता है नाम

चंडीगढ़ में 15 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू हो गया है. बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और नए मतदाताओं के नाम जोड़ेंगे. चलिए जानते हैं कब तक चलेगा ये अभियान.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
चंडीगढ़ में आज से शुरू हो रहा SIR, घर-घर पहुंचेंगे BLO; मतदाता सूची में गलती हुई तो कट सकता है नाम
Courtesy: Pinterest

चंडीगढ़: चंडीगढ़ में सोमवार से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत हो गई है. इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि फर्जी, गलत और दोहराए गए नामों को मतदाता सूची से हटाया जाएगा. निर्वाचन विभाग का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाना है.

अभियान के दौरान बीएलओ प्रत्येक परिवार के सदस्यों की जानकारी का सत्यापन करेंगे. इसमें नाम, आयु, वर्तमान पता, मतदाता पहचान पत्र और मतदान केंद्र से जुड़ी जानकारी शामिल होगी. यदि किसी परिवार में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाता हैं, तो उनका नाम भी सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

निर्वाचन विभाग ने क्या कहा?

निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, दसवीं की मार्कशीट, स्थायी निवास प्रमाण पत्र अथवा अन्य आवश्यक पहचान दस्तावेज तैयार रखें. आवश्यकता पड़ने पर बीएलओ इन दस्तावेजों का सत्यापन कर सकते हैं. यदि किसी घर पर पहली बार कोई नहीं मिलता है, तो बीएलओ दोबारा और जरूरत पड़ने पर तीसरी बार भी दौरा करेंगे.

इस वर्ष के अंत में चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव 2026 होने हैं. ऐसे में यह पुनरीक्षण अभियान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. निर्वाचन विभाग के अनुसार चंडीगढ़ में एसआईआर का कार्य 14 जुलाई तक चलेगा और इसके आधार पर मतदाता सूची को अपडेट किया जाएगा.

किन लोगों को नहीं देना होगा अतिरिक्त पारिवारिक दस्तावेज?

निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हर मतदाता को माता-पिता या दादा-दादी के दस्तावेज दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी. 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाता और जिनका या उनके परिवार का नाम पुराने मतदाता रिकॉर्ड में मौजूद है, उन्हें अतिरिक्त पारिवारिक दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी.

वहीं 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को अपने दस्तावेजों के साथ माता या पिता में से किसी एक के पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं. 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं से उनके स्वयं के दस्तावेजों के अलावा माता और पिता दोनों के दस्तावेज मांगे जा सकते हैं. विशेष परिस्थितियों में दादा-दादी से जुड़े रिकॉर्ड भी मांगे जा सकते हैं.

चंडीगढ़ में वर्तमान में कितने मतदाता?

चंडीगढ़ में वर्तमान में लगभग 5.18 लाख पंजीकृत मतदाता हैं. ये मतदाता 210 मतदान केंद्र स्थलों पर बने 614 मतदान केंद्रों में मतदान करते हैं. एसआईआर अभियान के लिए 614 से अधिक बीएलओ और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 1,143 बूथ लेवल एजेंट तैनात किए गए हैं. अंतिम मतदाता सूची 22 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी.