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अब ऑफिस के बाद भी मिलेगा फ्री इलाज, सरकारी अस्पतालों में शुरू होगी इवनिंग OPD; चंडीगढ़ में शुरू हो रही नई सुविधा

चंडीगढ़ प्रशासन जल्द ही दो सरकारी अस्पतालों में इवनिंग ओपीडी शुरू करने जा रहा है. इस नई सुविधा से नौकरीपेशा लोगों को शाम के समय विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज मिल सकेगा. पायलट प्रोजेक्ट के तहत सीएचसी 22 और सीएचसी 45 में रोज शाम 5 बजे से 7 बजे तक ओपीडी चलेगी.

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Edited By: Babli Rautela
अब ऑफिस के बाद भी मिलेगा फ्री इलाज, सरकारी अस्पतालों में शुरू होगी इवनिंग OPD; चंडीगढ़ में शुरू हो रही नई सुविधा
Courtesy: AI

चंडीगढ़ में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. प्रशासन जल्द ही शहर के दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इवनिंग ओपीडी शुरू करने की तैयारी कर रहा है. इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों को मिलेगा जो नौकरी या कारोबार की वजह से दिन के समय अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं. पायलट प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर 22 और सेक्टर 45 स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में शाम के समय विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों का इलाज करेंगे. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस सुविधा से 25 हजार से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. खासकर ऐसे मरीज जिन्हें सुबह लंबी लाइन में लगना पड़ता है या इलाज के लिए ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ती है.

शाम के समय भी मिलेगी ओपीडी जैसी सुविधा

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इवनिंग ओपीडी रोजाना शाम 5 बजे से 7 बजे तक संचालित की जाएगी. मरीजों को सामान्य ओपीडी की तरह ही सभी जरूरी सुविधाएं मिलेंगी. विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लेने के साथ जरूरत के अनुसार जांच और आगे के इलाज की सलाह भी दी जाएगी. इससे मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करने की जरूरत कम होगी और उन्हें अपनी सुविधा के अनुसार सरकारी अस्पताल में इलाज मिल सकेगा. फिलहाल ओपीडी की पर्ची का शुल्क कितना होगा, इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. प्रशासन की योजना है कि यह सुविधा सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध कराई जाए.

पहले भी सफल रहा है इवनिंग ओपीडी मॉडल

चंडीगढ़ प्रशासन इससे पहले सेक्टर 16 अस्पताल और मनीमाजरा में इवनिंग ओपीडी का सफल संचालन कर चुका है. उस समय मरीजों की ओर से इस व्यवस्था को अच्छा सहयोग मिला था. सेक्टर 16 अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब इस सुविधा का विस्तार दूसरे अस्पतालों तक किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे अस्पतालों में भीड़ कम होगी और मरीजों को इलाज के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे.

15 विशेषज्ञ डॉक्टरों की होगी भर्ती

इस योजना को सफल बनाने के लिए प्रशासन करीब 15 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती करेगा. इनमें बाल रोग, मेडिसिन, जनरल सर्जरी, हड्डी रोग, कान नाक गला, त्वचा रोग और मानसिक स्वास्थ्य के विशेषज्ञ शामिल होंगे. जरूरत बढ़ने पर डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है.

इवनिंग ओपीडी में सरकारी डॉक्टरों की जगह निजी विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं देंगे. उन्हें दो घंटे की ड्यूटी के लिए प्रतिदिन मानदेय दिया जाएगा. इससे अनुभवी डॉक्टर भी इस योजना से जुड़ सकेंगे और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी.