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मथुरा नगर निगम को मिले नए नगर आयुक्त, ओजस्वी राज संभालेंगे जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश सरकार ने मथुरा नगर निगम में प्रशासनिक बदलाव करते हुए नगर आयुक्त जग प्रवेश का तबादला कर दिया है. उनकी जगह बलिया के मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज को नया नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है. उनसे विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
मथुरा नगर निगम को मिले नए नगर आयुक्त, ओजस्वी राज संभालेंगे जिम्मेदारी
Courtesy: AI

मथुरा नगर निगम में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर आयुक्त जग प्रवेश का तबादला करते हुए उन्हें वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी है. उनकी जगह साल 2020 बैच के IAS अधिकारी ओजस्वी राज को नया नगर आयुक्त बनाया गया है. ओजस्वी राज इससे पहले बलिया में मुख्य विकास अधिकारी के रूप में कार्यरत थे. उनके अनुभव और प्रशासनिक शैली से मथुरा में विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है.

सरकार ने किया प्रशासनिक बदलाव

राज्य सरकार ने शुक्रवार को जारी आदेश में नगर आयुक्त जग प्रवेश का तबादला कर दिया. उन्हें वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में निदेशक बनाया गया है. उनके स्थान पर बलिया के मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज को मथुरा नगर निगम की जिम्मेदारी सौंपी गई है. संभावना है कि वह जल्द ही कार्यभार ग्रहण करेंगे.

जग प्रवेश के कार्यकाल में हुए कई काम

जग प्रवेश ने 25 मई 2025 को मथुरा नगर निगम का कार्यभार संभाला था. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया. नगर निगम कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास, अधूरे विकास कार्यों को समय पर पूरा कराने और नई परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए.

बलिया में निभाई अहम भूमिका

IAS ओजस्वी राज ने लगभग तीन सालों तक बलिया में मुख्य विकास अधिकारी के रूप में सेवाएं दीं. इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं की प्रभावी निगरानी, विकास कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया. उनकी पहचान एक सक्रिय और व्यवस्थित अधिकारी के रूप में रही.

सत्तू को दिलाई नई पहचान

बलिया में कार्यकाल के दौरान ओजस्वी राज ने जिले के पारंपरिक सत्तू को नई पहचान दिलाने की दिशा में भी काम किया. आधुनिक पैकेजिंग और ब्रांडिंग के जरिए इस उत्पाद को व्यापक बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया. त्योहारों के दौरान इसे विशेष उपहार के रूप में भी प्रचारित किया गया.

स्थानीय रोजगार को मिला बढ़ावा

सत्तू की नई ब्रांडिंग का लाभ स्थानीय किसानों और महिलाओं को भी मिला. इस पहल के माध्यम से 700 से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए. अब मथुरा में भी उनसे विकास कार्यों के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और जनहित से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है.