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जालंधर में पेपर लीक के विरोध में न्याय सत्याग्रह, 12 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे युवा नेता

नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में जालंधर में न्याय सत्याग्रह शुरू हुआ. युवा नेता रवीश राज शर्मा ने 12 घंटे की भूख हड़ताल कर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के अधिकारों की मांग उठाई.

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Edited By: Shanu Sharma
जालंधर में पेपर लीक के विरोध में न्याय सत्याग्रह, 12 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे युवा नेता
Courtesy: ANI

नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में पंजाब के जालंधर में शुक्रवार को न्याय सत्याग्रह की शुरुआत की गई. डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के सामने पुडा परिसर में युवा नेता रवीश राज शर्मा ने 12 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया. 

इस दौरान उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए और युवाओं की आवाज को दबाने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का अधिकार

भूख हड़ताल के दौरान रवीश राज शर्मा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार है. यदि छात्रों की मांगों का समाधान बातचीत के बजाय बल प्रयोग से किया जाएगा तो इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर युवाओं का भरोसा कमजोर होगा. उन्होंने कहा कि देश के भविष्य का निर्माण करने वाले विद्यार्थियों की बात सुनी जानी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए.

किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा सत्याग्रह

रवीश राज शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह न्याय सत्याग्रह किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं, बल्कि एक सामाजिक मंच के माध्यम से आयोजित किया गया है. उनका कहना था कि इस अभियान का एकमात्र उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है. उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे इस आंदोलन का समर्थन करें और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं.

युवा नेता ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी युवाओं ने अपने अधिकारों और देश के भविष्य के लिए आवाज उठाई है, तब सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं. उन्होंने कहा कि आज भी युवाओं को अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए संगठित होने की आवश्यकता है.उन्होंने मांग की कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग भी दोहराई.