पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 280 मामलों में जब्त किए गए नशीले पदार्थों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नष्ट कर दिया. यह कार्रवाई ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में खन्ना पेपर मिल में की गई. पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा.
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जिन मामलों का निपटारा किया गया उनमें बड़ी मात्रा में हेरोइन, स्मैक, पोस्त, नशीला पाउडर और लाखों नशीले कैप्सूल व गोलियां शामिल थीं. पुलिस ने 12.9 किलोग्राम हेरोइन, 3.15 किलोग्राम स्मैक, 12 किलोग्राम पोस्त, 4.38 लाख ग्राम से अधिक नशीला पाउडर के अलावा चरस, गांजा, भांग और अन्य मादक पदार्थों को कानूनी प्रक्रिया के तहत पूरी तरह नष्ट कर दिया.
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से होने वाली नशा तस्करी पंजाब पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है. तस्कर लगातार नए तरीके अपनाकर नशे की खेप भारत भेजने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बावजूद अमृतसर पुलिस लगातार ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है और तस्करों तक पहुंचकर उनके पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्रों में निगरानी लगातार बढ़ाई गई है और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं.
पुलिस के अनुसार एक जनवरी 2026 से अब तक कुल 2176 एनडीपीएस मामलों में जब्त नशीले पदार्थों का कानूनी प्रक्रिया के तहत निपटारा किया जा चुका है. इससे पुलिस थानों और मालखानों में पर्याप्त जगह खाली हुई है. भविष्य में जब्त किए जाने वाले नशीले पदार्थों को सुरक्षित रखने में भी इससे काफी सुविधा मिलेगी. अधिकारियों का कहना है कि समय पर जब्त सामान का निपटारा करना जरूरी होता है ताकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे और सबूतों से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया भी पूरी तरह पारदर्शी रहे.
यह कार्रवाई ड्रग डिस्पोजल कमेटी के चेयरमैन डीसीपी इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह, एडीसीपी इन्वेस्टिगेशन जगविंदर सिंह, एसीपी डिटेक्टिव इंद्रजीत सिंह और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी की गई. पूरे अभियान के दौरान सभी कानूनी नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया. पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि राज्य को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे. पुलिस का फोकस न केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी पर है बल्कि पूरे ड्रग नेटवर्क को खत्म करने और सीमा पार से होने वाली तस्करी पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है.