महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के महाड MIDC इलाके में सोमवार को एक केमिकल फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया. धमाका इतना तेज था कि इसके झटके फैक्ट्री के आसपास करीब 4 से 5 किलोमीटर के इलाके में महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है. हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा तफरी और दहशत का माहौल बन गया.
इस घटना में चार लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई है. फिलहाल हादसे में किसी की मौत की सूचना नहीं है. घायलों को इलाज के लिए महाड रूरल हेल्थ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.
यह हादसा महाड MIDC स्थित सिनर्जिया केमिकल इंडस्ट्रीज के प्लॉट नंबर C 57 में हुआ. शुरुआती जानकारी के अनुसार, कंपनी में केमिकल उत्पादन की प्रक्रिया के दौरान रिएक्टर या बॉयलर में जोरदार विस्फोट हुआ. बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में पैरा नाइट्रो टोल्यून ऑर्थो सल्फोनिक एसिड के उत्पादन का काम चल रहा था. इसी प्रक्रिया के दौरान ओलियम और सल्फर के रिएक्शन से जुड़े रिएक्टर टैंक में अचानक विस्फोट होने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, धमाके की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है. प्रशासन और संबंधित विभाग इसकी जांच कर रहे हैं.
विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में आग लग गई. घटनास्थल से धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया. धमाके की आवाज और झटकों के कारण आसपास के इलाके में भी लोगों के बीच डर का माहौल बन गया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची. राहत और बचाव अभियान में NDRF की टीम को भी लगाया गया. प्रशासन की शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. सभी घायलों को महाड रूरल हेल्थ हॉस्पिटल में इलाज के लिए ले जाया गया. राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी व्यक्ति की मौत की जानकारी सामने नहीं आई है. करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाने की बात प्रशासन की ओर से कही गई है.
धमाके के बाद पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों की जांच इस बात पर केंद्रित है कि आखिर रिएक्टर या बॉयलर में विस्फोट किस वजह से हुआ. क्या घटना किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई या उत्पादन प्रक्रिया के दौरान कोई दूसरी समस्या सामने आई, इसकी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी. महाड MIDC में पहले भी औद्योगिक सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में इस हादसे के बाद एक बार फिर केमिकल और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का इलाज और घटनास्थल को सुरक्षित करना है. वहीं, संबंधित विभाग हादसे के कारणों की जांच में जुटे हैं.