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ट्विशा के हाथ और कान पर थे नीले चोट के निशान, मौत से 10 मिनट पहले अपनी मां से की थी फोन पर बात

ट्विशा शर्मा मामले में एक नया अपडेट सामने आया है. बताया जा रहा है कि जांच से यह पता चला है, मौत से पहले ट्विशा ने अपनी मां से 10 मिनट बात की थी, जिसके तुरंत बाद उनकी मौत हो गई.

Shilpa Shrivastava
ट्विशा के हाथ और कान पर थे नीले चोट के निशान, मौत से 10 मिनट पहले अपनी मां से की थी फोन पर बात

भोपाल: ट्विशा शर्मा मामला काफी सेंसिटिव होता जा रहा है. बता दें कि नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की शादी मध्य प्रदेश के भोपाल में समर्थ सिंह से हुई थी. शादी के बाद से ही वो भोपाल में रह रही थीं. 12 मई 2026 की रात को ट्विशा का शव फंदे से लटकता मिला. जिस घर में वो अपना संसार बसाना चाहती थीं, उसी घर में उनका शव मिला. इस मामले में कई ट्विस्ट सामने आ रहे हैं. परिस्थितियां बहुत संदिग्ध लग रही थीं.

ट्विशा शर्मा मामले में एक नया अपडेट सामने आया है. बताया जा रहा है कि जांच से यह पता चला है, मौत से पहले ट्विशा ने अपनी मां से 10 मिनट बात की थी, जिसके तुरंत बाद उनकी मौत हो गई. ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि इतने कम समय में अचानक ऐसा क्या हुआ कि उन्हों मौत को गले लगाना पड़ा. इन सब के बीच इस सुसाइड को लेकर भी असमंजस की स्थिति है. इसे शक की नजर से देखा जा रहा है. 

हाथ और कान पर चोट के निशान:

ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा का कहना है कि जब उन्होंने ट्विशा का शव देखा तो उन्होंने उसके कान और हाथ पर नीले चोट के निशान देखे. इससे परिवार यह आरोप लगा रहा है कि यह आत्महत्या नहीं है बल्कि हत्या है. इसके साथ यह भी आरोप लगाया गया है कि उसके पति ने सबूत भी मिटाने की कोशिश की है. 

क्या ट्विशा को था मानसिक तनाव?

खबरों के अनुसार, ट्विशा की शादी के शुरुआती कुछ महीने तो ठीक रहे थे. फिर भोपाल में रहने के चक्कर में उसने अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़ दी थी. जब वो भोपाल पूरी तरह से शिफ्ट हो गई तो उसके पति का रवैया उसकी तरफ बदल गया. समर्थ लगातार ट्विशा को ताने मारता था और उसकी परवरिश पर उंगली उठाता था. सिर्फ यही नहीं, ट्विशा के नाम पर शेयर ट्रांसफर करने को लेकर भी काफी दवाब बनाता था. इससे ट्विशा डिप्रेशन में चली गई थी. 

किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला?

इस मामले में भोपाल पुलिस ने समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह के खिलाफ हत्या, दहेज उत्पीड़न (304B) और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है. बता दें कि समर्थ सिंह खुद वकील हैं और उनकी मां रिटायर्ड जिला जज हैं. केस दर्ज होने के 24 घंटों में ही गिरीबाला को अग्रिम जमानत मिल गई थी. उनकी उम्र को मद्देनजर रखते हुए 50000 रुपये के मुचलके पर राहत दे दी गई.

परिवार मांग रहा इंसाफ:

जहां एक तरफ पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है, वहीं मेजर हर्षित शर्मा ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि वो रात 12 बजे तक खड़े रहे लेकिन कोई भी बड़ा अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया. हालांकि, परिवार ने कहा है कि आरोपी पक्ष में रिटायर्ड जज और वकील हैं इसलिए वो एक्शन लेने में थोड़ा हिचक रहे थे. परिवार की मांग है कि आरोपी पक्ष को जल्द से जल्द सजा मिले.