Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में भोपाल की एक अदालत ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को 2 जून तक सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है. सीबीआई द्वारा शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान पूछताछ के लिए और हिरासत मांगे जाने के बाद अदालत ने यह आदेश जारी किया है.
दरअसल गिरिबाला सिंह को सीबीआई ने करीब छह घंटे की लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी ने अदालत से गिरिबाला के लिए पांच दिन की रिमांड मांगी थी और साथ ही समर्थ सिंह की रिमांड बढ़ाने की भी अपील की थी. सुनवाई के दौरान गिरिबाला के वकील ने सीबीआई की इस मांग का कोई विरोध नहीं किया.
अदालत के इस फैसले के बाद ट्विशा के परिवार का पक्ष रख रहे वकील अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों आरोपी 2 जून तक सीबीआई की कस्टडी में रहेंगे. उन्होंने आगे कहा कि अगर जांच के लिए और समय की जरूरत पड़ी तो एजेंसी हिरासत बढ़ाने की मांग भी कर सकती है. ट्विशा के परिवार को उम्मीद है कि अब जांच सही दिशा में आगे बढ़ेगी.
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत मे एक सेशन कोर्ट ने गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी. हालांकि बाद में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मामले के तथ्यों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उनकी जमानत रद्द कर दी थी. हाई कोर्ट के इसी फैसले के बाद सीबीआई के लिए उन्हें गिरफ्तार करने का रास्ता साफ हुआ था. जानकारी के मुताबिक समर्थ सिंह 12 मई को ट्विशा की मौत के दिन से ही लापता चल रहे थे. बाद में उन्होंने जबलपुर की एक अदालत के सामने सरेंडर कर दिया था जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया है.
ट्विशा शर्मा के परिवार ने उनके पति और सास पर दहेज की मांग को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि इसी लगातार हो रहे उत्पीड़न ने 33 वर्षीय त्विशा को मौत के मुंह में धकेल दिया. परिवार ने यह आरोप भी लगाया कि भोपाल में उपभोक्ता अदालत की अध्यक्ष के रूप में कार्यरत गिरिबाला सिंह ने घटना के बाद सबूतों और क्राइम सीन के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी.
अदालत की कार्रवाई के दौरान ट्विशा के परिवार ने दलील दी कि वह एक बहुत ही नाखुश और मुश्किल शादीशुदा जिंदगी में फंसी हुई थीं. दूसरी तरफ गिरिबाला सिंह ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि ट्विशा ड्रग्स की लत और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं. उन्होंने ट्विशा के परिवार पर उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है.
मामले पर बढ़ते जन-आक्रोश और ध्यान को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने इस केस की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया था जिससे औपचारिक तौर पर सीबीआई जांच शुरू हुई. हाई कोर्ट के आदेश पर ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम भी कराया गया था.