menu-icon
India Daily

ट्विशा शर्मा केस में सुप्रीम कोर्ट सख्त, मीडिया ट्रायल पर लगाई रोक; दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश

मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्ष जांच पर जोर देते हुए केस CBI को सौंपने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है. चलिए जानते हैं इस मामले में क्या अपडेट आया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
ट्विशा शर्मा केस में सुप्रीम कोर्ट सख्त, मीडिया ट्रायल पर लगाई रोक; दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश
Courtesy: Pinterest

भोपाल: ट्विशा शर्मा की मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान किसी भी तरह की मीडिया ट्रायल या सार्वजनिक बयानबाजी से बचना जरूरी है.

तीन जजों की बेंच, जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली शामिल थे, उन्होंने इस मामले की सुनवाई की. कोर्ट ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार पहले ही मामले को CBI को सौंपने की सिफारिश कर चुकी है और अब जांच एजेंसी जल्द ही केस अपने हाथ में लेगी.

कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मामले को लेकर जो माहौल और नैरेटिव बनाया जा रहा है, वह चिंता का विषय है. विशेष रूप से उन आरोपों पर अदालत ने नाराजगी जताई जिनमें कहा जा रहा था कि स्थानीय प्रशासन और न्यायपालिका निष्पक्ष जांच में बाधा डाल रहे हैं क्योंकि मृतका की सास गिरिबाला सिंह पूर्व जिला जज हैं और उनके पति वकील हैं.

कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी पक्ष को मीडिया में बयान देने के बजाय अपनी बात जांच एजेंसी के सामने रखनी चाहिए. अदालत ने मीडिया संस्थानों से भी अपील की कि वे इस मामले को सनसनीखेज तरीके से पेश न करें.

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने क्या कहा?

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि मामला पहले ही सीबीआई को सौंपा जा चुका है. उन्होंने आरोप लगाया कि मृतका की सास जांच में पूरा सहयोग नहीं कर रही हैं और लगातार मीडिया इंटरव्यू दे रही हैं. उन्होंने कहा कि जांच को प्रभावित करने वाली सार्वजनिक बयानबाजी से बचना चाहिए.

वहीं वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने शुरुआती जांच में कई खामियों का मुद्दा उठाया. उन्होंने एफआईआर दर्ज करने में तीन दिन की देरी और सबूतों को सुरक्षित न रखने जैसे आरोप लगाए.

परिजनों ने क्या लगाए आरोप?

इस मामले में परिवार ने दहेज प्रताड़ना और जांच में लापरवाही के आरोप लगाए हैं. मामले में दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी कराई गई है. वहीं इस घटना के मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ सिंह को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि अब जांच एजेंसियों को बिना किसी दबाव और सार्वजनिक हस्तक्षेप के निष्पक्ष तरीके से काम करने दिया जाना चाहिए.