रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज और संविधान के बीच टकराव की बहस को तेज कर दिया है. रतलाम के ग्राम पंचेवा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में गांव की पंचायत की ओर से प्रेम विवाह को लेकर सख्त और विवादित ऐलान किया जाता दिखाई दे रहा है.
वीडियो में एक युवक खुले तौर पर कहता सुनाई देता है कि यदि गांव का कोई लड़का या लड़की परिवार की मर्जी के खिलाफ लव मैरिज करेगा तो उसे गांव से बाहर कर दिया जाएगा. इतना ही नहीं, युवक यह भी कहता है कि ऐसे युवक या युवती के माता पिता से भी गांव के लोग कोई संबंध नहीं रखेंगे.
रतलाम - प्रेम विवाह करने वाले परिवारों का बहिष्कार किया जाएगा,
— Anurag Dwary (@Anurag_Dwary) January 26, 2026
ना दूध मिलेगा, ना किराना ... गांव का कोई शख्स उस परिवार के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगा साथ देने वालों का भी सामाजिक बहिष्कार होगा. pic.twitter.com/MLhL30HMnt
वीडियो में सामाजिक बहिष्कार के नियम भी गिनाए गए हैं. घोषणा के अनुसार ऐसे परिवारों को गांव में दूध नहीं दिया जाएगा. उन्हें किसी भी धार्मिक, सामाजिक या शुभ कार्यक्रम में शामिल नहीं किया जाएगा. गांव की बैठकों और सामूहिक निर्णयों से उन्हें पूरी तरह बाहर रखा जाएगा.
ग्रामीणों को उनसे मिलना जुलना और मजदूरी पर बुलाना भी बंद करने की बात कही गई है. यह घोषणा सामाजिक बहिष्कार के जरिए जीवन को कठिन बनाने की चेतावनी मानी जा रही है. वीडियो का एक और गंभीर पहलू यह है कि इस दौरान वहां कई अन्य ग्रामीण मौजूद थे. वे सभी इस ऐलान पर मौन सहमति जताते नजर आए.
इससे यह मामला किसी एक व्यक्ति की राय नहीं बल्कि सामूहिक सोच का संकेत देता है. वीडियो वायरल होने के बाद जब ग्रामीणों से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि घर से भागकर किए जा रहे प्रेम विवाह गांव का माहौल बिगाड़ रहे हैं. ग्रामीणों का दावा है कि इसी डर से कुछ माता पिता ने अपनी बेटियों का स्कूल और कॉलेज जाना तक बंद कर दिया है.
हालांकि ग्रामीण यह भी कहते हैं कि वे प्रेम विवाह के पूरी तरह विरोधी नहीं हैं. उनका कहना है कि प्रेम विवाह में दोनों पक्षों की सहमति जरूरी होनी चाहिए. इधर मामला बढ़ता देख कुछ ग्रामीणों ने बयान बदला है. अब कहा जा रहा है कि बहिष्कार केवल लड़का और लड़की का होगा, उनके माता पिता का नहीं.
रतलाम के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति संविधान से ऊपर नहीं है और कानून तोड़ने पर कार्रवाई तय है.