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छतरपुर में 38 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद, एमपी में एलपीजी की कालाबाजारी पर प्रशासन का बड़ा एक्शन

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में दो दिनों में 38 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं. पश्चिम एशिया तनाव से वैश्विक सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के बीच कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई शुरू हुई है. केंद्र ने देश में पर्याप्त ईंधन स्टॉक होने का भरोसा दिया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
छतरपुर में 38 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद, एमपी में एलपीजी की कालाबाजारी पर प्रशासन का बड़ा एक्शन
Courtesy: ani

छतरपुर: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की खबरों से देश में एलपीजी और अन्य ईंधनों की कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई है. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में प्रशासन ने दो दिनों में 38 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए हैं. ये सिलेंडर अवैध रूप से स्टोर और व्यावसायिक उपयोग के लिए रखे गए थे. केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है, फिर भी स्थानीय स्तर पर कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.

छतरपुर में छापेमारी और जब्ती

बुधवार को विश्‍वनाथ कॉलोनी में एक सेवानिवृत्त शिक्षक श्यामलाल अहिरवार के घर से 25 सिलेंडर (जिनमें 22 खाली थे) जब्त किए गए. गुरुवार को बिल्हारी गांव के एक वाटर प्लांट से 13 खाली सिलेंडर बरामद हुए. एसडीएम जीएस पटेल के नेतृत्व में राजस्व और खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की. पेट्रोलियम एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.

उत्तर प्रदेश में भी कार्रवाई

हापुड़ जिले में रात में एक घर पर छापा मारा गया, जहां से 32 सिलेंडर (18 भरे और 14 खाली) जब्त हुए. जिला आपूर्ति अधिकारी सीमा बलियान ने बताया कि डीएम के निर्देश पर टीमें गश्त कर रही हैं. केंद्र ने भरोसा दिया है कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है और ऑनलाइन बुकिंग से आसानी से डिलीवरी मिल रही है.

केंद्र का आश्वासन और वैकल्पिक उपाय

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि होर्मुज बंद होने के बावजूद 70 प्रतिशत से ज्यादा आयात वैकल्पिक रास्तों से हो रहा है. रिफाइनरी में एलपीजी उत्पादन बढ़ाकर 28 प्रतिशत कर दिया गया है. रोजाना 50 लाख सिलेंडर वितरित हो रहे हैं. अस्पतालों और स्कूलों को प्राथमिकता दी जा रही है.

कालाबाजारी रोकने के प्रयास

तेल कंपनियां राज्यों के साथ रोजाना समन्वय कर रही हैं. जिला स्तर पर समितियां बनाई गई हैं जो डायवर्शन और कालाबाजारी पर नजर रख रही हैं. वैकल्पिक ईंधन जैसे केरोसिन, कोयला और बायोमास का उपयोग बढ़ाया जा रहा है. अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय सामान्य खपत बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर ही बुकिंग करने की अपील की है.