महू: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में पानी से जुड़ी बीमारी का खतरा एक बार फिर सामने आया है. इंदौर शहर के बाद अब महू में जल प्रदूषण से लोगों की सेहत पर असर पड़ा है. महू में पिछले 10 से 15 दिनों के भीतर 22 लोगों में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं. इन बीमार लोगों में 19 बच्चे शामिल हैं, जिससे इलाके में चिंता और डर का माहौल है.
जिला कलेक्टर शिवम वर्मा ने जानकारी दी कि अब तक आठ मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की एक टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार नलों से गंदा, बदबूदार और मटमैला पानी आ रहा है. लोगों ने कहा कि पानी उबालने के बाद भी बर्तनों में गंदगी जम रही है.
This is not an isolated incident. This is a systemic failure.
— Preeti Mahapatra🇮🇳 (@OfficialPreetiM) January 23, 2026
Weeks after water-borne diseases claimed at least 15 lives in Indore, 22 more people have fallen ill due to contaminated drinking water in Mhow. Nine are hospitalised. The rest are fighting illness at home.
Safe… pic.twitter.com/k6V9ZOg7j1
गुरुवार रात पट्टी बाजार और चंदर मार्ग इलाके से पानी से होने वाली बीमारियों की शिकायतें सामने आईं. इन इलाकों में पीलिया, टाइफाइड और पेट से जुड़ी अन्य बीमारियों के मामले बढ़े हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इंदौर कलेक्टर देर रात महू पहुंचे. उन्होंने अस्पताल जाकर भर्ती मरीजों से मुलाकात की और उनका हाल जाना.
कलेक्टर ने प्रभावित इलाकों के लोगों से भी बातचीत की. एक अधिकारी ने बताया कि अब तक नौ मरीज अस्पताल में भर्ती किए गए हैं. वहीं कुछ का इलाज घर पर ही चल रहा है. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ माधव हसानी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार सुबह से मौके पर तैनात है.
इंदौर मेडिकल कॉलेज और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी महू भेजी जा रही है. महू की विधायक उषा ठाकुर ने भी अस्पताल पहुंचकर मरीजों से मुलाकात की. कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को सभी मरीजों को सही और प्रभावी इलाज देने के निर्देश दिए हैं.
उन्होंने महू कैंटोनमेंट बोर्ड को पानी की गुणवत्ता जांचने और साफ सफाई बनाए रखने के आदेश दिए हैं. प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. प्रभावित इलाकों का सर्वे किया जाएगा और लक्षण वाले लोगों को इलाज दिया जाएगा.
गंभीर मरीजों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा. कुछ मरीजों को आज ही अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है. गौरतलब है कि पिछले महीने इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में जल प्रदूषण से कई लोग बीमार हुए थे. उस दौरान कई मौतों की भी पुष्टि हुई थी.