नई दिल्ली: 28 मार्च से आईपीएल के आगामी सीजन की शुरूआत होने जा रही है. लेकिन इस टूर्नामेंट से पहले सनराइजर्स हैदराबाद की CEO काव्या मारन सुर्खियों में आ गई है. हाल ही में इंग्लैंड की क्रिकेट लीग द हंड्रेड के ऑक्शन में उनकी टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल कर लिया.
इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर भारतीय फैंस ने नाराजगी जताई और सनराइजर्स फ्रैंचाइजी को ट्रोल करना शुरू कर दिया. इस बीच पूर्व दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर को बड़ा बयान सामने आया है.
द हंड्रेड लीग के हालिया ऑक्शन में सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को करीब 1.90 लाख पाउंड में खरीदा. यह टीम उसी कंपनी के स्वामित्व में है, जो सनराइजर्स हैदराबाद को भी चलाती है. इस डील के बाद कई फैंस ने सवाल उठाए. इसी मुद्दे को लेकर क्रिकेट जगत में बहस भी शुरू हो गई है.
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने अपने एक कॉलम में इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने लिखा कि 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद से भारतीय फ्रैंचाइजी आमतौर पर पाकिस्तानी खिलाड़ियों से दूरी बनाए रखती हैं. गावस्कर का कहना है कि जब पाकिस्तान के खिलाड़ी को भुगतान किया जाता है और वह अपने देश में टैक्स देता है, तो वह पैसा अप्रत्यक्ष रूप से उन गतिविधियों में भी जा सकता है जो भारत के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं.
हमारे लोगों और सैनिकों के लिए भी खतरा बनती है. इसलिए ऐसे फैसलों को लेते समय सावधानी बरतनी चाहिए. सुनीव गावस्कर ने आगे कहा कि चाहे भुगतान किसी विदेशी लीग के जरिए किया जाए. लेकिन अगर मालिक भारत का है तो यह निर्णय संवेदनशील माना जाएगा.
उन्होंने टीम के कोच डेनियल विटोरी का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी कोच शायद इस पूरे राजनीतिक और भावनात्मक पहलू को पूरी तरह न समझ पाए. लेकिन फ्रैंचाइजी मालिकों को स्थिति की गंभीरता जरूर समझनी चाहिए थी. गावस्कर ने अंत में कहा कि अभी भी समय है कि इस फैसले पर दोबारा विचार किया जाए और ऐसा कदम उठाया जाए जिससे विवाद खत्म हो सके.