नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. अदालत ने उनके भाई विक्रांत जेटली से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उनसे संपर्क करने की गुहार लगाई गई थी. विक्रांत वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात में हिरासत में हैं. सेलिना ने भाई की सुरक्षा और कानूनी सहायता के लिए यह कदम उठाया था. सुनवाई के दौरान आए तथ्यों ने अदालत को मामले को बंद करने पर मजबूर कर दिया, जिससे अभिनेत्री की कोशिशें बेनतीजा साबित हुईं.
सुनवाई के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि विक्रांत जेटली अपनी बहन सेलिना से किसी भी प्रकार की बातचीत के इच्छुक नहीं हैं. न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने गौर किया कि विक्रांत ने अधिकारियों को स्पष्ट बताया है कि वे केवल अपनी पत्नी, चारुल जेटली से ही परामर्श करना चाहते हैं. भाई की इस स्पष्ट अनिच्छा को देखते हुए अदालत ने सेलिना की याचिका को आगे बढ़ाने का कोई तार्किक आधार नहीं पाया.
अदालत को सूचित किया गया कि विक्रांत को यूएई में उचित कांसुलर एक्सेस प्रदान किया गया है. हालांकि, उन्होंने वहां किसी भी कानूनी सहायता को लेने से मना कर दिया. अधिकारियों ने बताया कि एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म ने उन्हें पूरी तरह निशुल्क प्रतिनिधित्व देने का प्रस्ताव दिया था. विक्रांत ने न केवल सेलिना के माध्यम से मिलने वाली मदद को ठुकराया, बल्कि अन्य प्रो बोनो सेवाओं को भी स्वीकार करने से मना कर दिया.
सेलिना जेटली ने अपनी ओर से मानवीय प्रयास करते हुए अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें भाई के कानूनी खर्चों को उठाने की अनुमति मिले. वे चाहती थीं कि उनके भाई को वहां सर्वश्रेष्ठ कानूनी बचाव प्राप्त हो. लेकिन कोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, विक्रांत ने 'स्पष्ट शब्दों में' कहा है कि वे किसी भी फर्म द्वारा प्रतिनिधित्व नहीं चाहते. सेलिना ने बार-बार संपर्क की कोशिश की, लेकिन विक्रांत ने उनकी हर मांग अस्वीकार कर दी.
कार्यवाही के दौरान विक्रांत की पत्नी चारुल जेटली का पक्ष भी सामने आया. उन्होंने विनम्रतापूर्वक अदालत से अनुरोध किया कि इस संवेदनशील मामले के विवरणों को सार्वजनिक न किया जाए. चारुल ने अपनी और अपने पति की निजता सुरक्षित रखने की अपील की. कोर्ट ने इस बात को गंभीरता से लिया कि राज्य के अधिकारी विक्रांत के संपर्क में हैं. अदालत ने प्रशासन को विक्रांत की कानून के तहत हर संभव मदद जारी रखने के निर्देश दिए.
16 मार्च को हुई इस सुनवाई का समापन करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिका को निष्पादित घोषित कर दिया. अदालत का तर्क था कि चूंकि संबंधित व्यक्ति स्वयं किसी सहायता का इच्छुक नहीं है, इसलिए याचिका को लंबित रखने का कोई कारण नहीं बनता. अभिनेत्री सेलिना की भावनात्मक कोशिशों के बावजूद, भाई के स्वयं के निर्णय ने इस मामले को यहीं समाप्त कर दिया. अब विक्रांत अपनी पत्नी की सलाह पर ही आगे का रास्ता तय करेंगे.