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India Daily

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 5 दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा, कई कार्यक्रमों में होंगी शामिल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 जून से 22 जून तक पांच दिन के मध्य प्रदेश दौरे पर रहेंगी. राष्ट्रपति मुर्मू इंदौर एयरपोर्ट पहुंच गई हैं. मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया.

Shilpa Shrivastava
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 5 दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा, कई कार्यक्रमों में होंगी शामिल
Courtesy: X (@rashtrapatibhvn)

इंदौर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 जून से 22 जून तक पांच दिन के मध्य प्रदेश दौरे पर रहेंगी. राष्ट्रपति मुर्मू इंदौर एयरपोर्ट पहुंच गई हैं. मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया. राष्ट्रपति के दौरे के दौरान अलग-अलग जिलों में मंत्रियों को स्वागत और विदाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है. 

इंदौर में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, बैतूल में परिवार कल्याण मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, ओंकारेश्वर में धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, जबलपुर में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, श्योपुर में राकेश शुक्ला और ग्वालियर में तुलसी सिलावट उपस्थित रहेंगे.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का प्रोग्राम कुछ इस तरह रहेगा:

  • 18 जून: इंदौर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति बैतूल जाएंगी. वहां ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित “Empowerment of Society by Spirituality” कार्यक्रम में शामिल होंगी. बैतूल के बाद वे भगवान ओंकारेश्वर के मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी.

  • 19 जून: अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस पर ओंकारेश्वर में विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगी.

  • 20 जून: जबलपुर पहुंचेंगी.

  • 21 जून: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगी और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी.

  • 22 जून: श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण करेंगी. इसके बाद ग्वालियर से दिल्ली के लिए रवाना होंगी.

क्यों महत्वपूर्ण है राष्ट्रपति का यह दौरा?

राष्ट्रपति का यह दौरा मध्य प्रदेश के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी राज्य में सकारात्मक संदेश देगी. कूनो नेशनल पार्क भ्रमण के दौरान वे वहां के वन्यजीवों और चीतों के संरक्षण कार्यों की भी समीक्षा करेंगी.