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मध्य प्रदेश में 150 तोतों की मौत से मचा हड़कंप, फूड पॉइजनिंग की आशंका

मध्य प्रदेश के नर्मदा नदी के पास एक दुखद घटना में करीब 150 तोते मारे गए. यह हादसा स्थानीय लोगों और अधिकारियों में चिंता का कारण बना है.

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Edited By: Princy Sharma
मध्य प्रदेश में 150 तोतों की मौत से मचा हड़कंप, फूड पॉइजनिंग की आशंका
Courtesy: Pinterest

खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से एक चौंकाने वाली और परेशान करने वाली घटना सामने आई है, जहां पिछले तीन दिनों में नर्मदा नदी के किनारे करीब 150 तोते मरे हुए पाए गए. अचानक हुई इन मौतों से लोकल लोगों में डर और चिंता फैल गई है, जिसके बाद एडमिनिस्ट्रेशन ने ऑफिशियल जांच के आदेश दिए हैं. शुरुआती रिपोर्ट्स से पता चलता है कि तोतों की मौत फूड पॉइजनिंग से हुई होगी, न कि किसी इंफेक्शन वाली बीमारी से.

यह घटना खरगोन डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर से करीब 80 किलोमीटर दूर बरवाहा शहर के पास एक एक्वाडक्ट ब्रिज के पास हुई. लोकल लोगों ने सबसे पहले ब्रिज के पास अलग-अलग जगहों पर कई तोतों को मरा हुआ देखा. कुछ पक्षी तो नदी किनारे पेड़ की डालियों पर बेजान लटके हुए भी मिले. जानकारी मिलने के बाद, एडमिनिस्ट्रेशन और एनिमल हस्बैंड्री डिपार्टमेंट की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं.

पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे तोते

अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि 100 से ज्यादा मरे हुए तोतों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, जबकि आस-पास के इलाके में अभी भी और तोतों के शव मिल रहे हैं. इससे इलाके में पक्षियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं. कलेक्टर के निर्देश पर मौके का मुआयना करने वाले एनिमल हस्बैंड्री डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. जीएस सोलंकी ने कहा कि बर्ड फ्लू या किसी छूत की बीमारी के कोई लक्षण नहीं थे. 

उन्होंने बताया कि कई लोग अच्छे इरादे से पक्षियों को पका हुआ चावल, नाश्ता या मिला-जुला खाना खिलाते हैं. उन्होंने कहा, 'इस तरह का खाना पक्षियों के लिए सही नहीं है और इससे फूड पॉइजनिंग हो सकती है.' पक्षियों के अंदरूनी अंगों के सैंपल आगे की टेस्टिंग के लिए भोपाल और जबलपुर की लैब में भेजे गए हैं और फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है.

फूड पॉइजनिंग का शक

बरवाहा की वेटेरिनरी डॉक्टर डॉ. मनीषा चौहान ने कहा कि पोस्टमॉर्टम के नतीजों से साफ तौर पर फूड पॉइजनिंग की ओर इशारा मिला है. उन्होंने आगे कहा कि पक्षी अक्सर खेतों से अनाज खाते हैं जिनमें पेस्टिसाइड हो सकते हैं, जो जानलेवा भी हो सकते हैं. जांच के दौरान, तोतों के पेट में चावल के दाने, छोटे पत्थर और कंकड़ मिले, जो खाने में गंभीर गड़बड़ी का संकेत देते हैं.

एक्सपर्ट ने दी सलाह

वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट टोनी शर्मा ने भी चिंता जताई और लोगों से पक्षियों को खाना खिलाते समय सावधान रहने की अपील की. ​​उन्होंने सलाह दी कि पक्षियों को सिर्फ ज्वार, बाजरा या गेहूं जैसे कच्चे अनाज ही दिए जाने चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी, 'पका हुआ खाना, मसालेदार चीजें या बचा हुआ खाना पक्षियों के लिए जहर जैसा काम कर सकता है.' इस घटना से पक्षी प्रेमियों में जागरूकता आई है, जो अब लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए पक्षियों को जिम्मेदारी से खाना खिलाएं.