इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक कबाड़ (अटाला) व्यापारी द्वारा अमोनिया गैस के पुराने सिलेंडर को काटने का काम किया जा रहा था. सिलेंडर कटते ही उसमें बची हुई जहरीली गैस का तीव्र रिसाव शुरू हो गया. देखते ही देखते अमोनिया की तीखी गंध पूरे रिहायशी इलाके में फैल गई. चश्मदीदों के मुताबिक, गैस इतनी प्रबल थी कि कुछ ही पलों में लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में भारी कठिनाई महसूस होने लगी.
जहरीली गैस के फैलते ही स्थानीय निवासियों और वहां से गुजर रहे राहगीरों में हड़कंप मच गया. लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे. गैस के प्रभाव के कारण 30 से अधिक लोगों को घबराहट, उल्टियां और सांस फूलने की शिकायत हुई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावितों को तत्काल एम्बुलेंस और निजी वाहनों की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के अनुसार, कुछ लोगों की हालत नाजुक थी, लेकिन उपचार मिलने के बाद अब सभी की स्थिति स्थिर बनी हुई है.
हादसे की खबर मिलते ही पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की टीमें युद्धस्तर पर सक्रिय हो गईं. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई. गैस के असर को बेअसर करने के लिए प्रशासन ने तुरंत पानी के टैंकर मंगवाए और प्रभावित जगह पर पानी की बौछारें की गईं, ताकि अमोनिया के प्रभाव को कम किया जा सके. मौके पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह भी पहुंचे और उन्होंने हालात का जायजा लिया. पुलिस कर्मियों और स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य के दौरान अपने चेहरे और नाक पर गीला रूमाल बांधकर खुद को सुरक्षित रखने का प्रयास किया.
प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि रिसाव को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और अब क्षेत्र में गैस का प्रभाव नहीं है. पुलिस ने व्यापारी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है कि रिहायशी इलाके में बिना सुरक्षा मानकों के ऐसे खतरनाक सिलेंडर को कैसे काटा जा रहा था. प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.