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सीएम मोहन यादव ने दी सौगात, मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के खाते में पहुंचे 1500 रुपये; जानें कैसे चेक करें स्टेटस

मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना की 30वीं किस्त जारी कर दी गई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सिवनी से 1500 रुपये प्रति महिला की राशि ट्रांसफर की.

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Edited By: Km Jaya
Chief Minister Mohan Yadav India daily
Courtesy: @DrMohanYadav51 x account

भोपाल: मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए 12 नवंबर का दिन ऐतिहासिक रहा. मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 30वीं किस्त जारी कर दी गई है. इस बार महिलाओं के खाते में पहली बार 1250 रुपये के बजाय 1500 रुपये ट्रांसफर किए गए हैं. मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सिवनी जिले से रिमोट का बटन दबाकर इस राशि को लाभार्थियों के खातों में भेजा. अब से राज्य की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की राशि मिलेगी.

राज्य सरकार की इस योजना से 1.26 करोड़ महिलाएं जुड़ी हुई हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष योजना की शुरुआत के बाद से लगातार महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है और अब बढ़ी हुई राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है.

लाभार्थियों का कैसा रहा रिएक्शन?

योजना की 30वीं किस्त के रूप में राशि भेजे जाने के साथ ही कई जिलों में लाभार्थियों ने खुशी जताई है. महिलाओं ने कहा कि बढ़ी हुई राशि से घर के खर्च और जरूरतें पूरी करने में काफी मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि लाड़ली बहना योजना राज्य की माताओं और बहनों की गरिमा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए शुरू की गई थी और आगे भी सरकार महिलाओं के हित में ऐसी योजनाएं लाती रहेगी.

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किस पोर्टल पर करें चेक?

अगर किसी लाभार्थी के खाते में अब तक पैसे नहीं आए हैं या मोबाइल पर मैसेज नहीं मिला है तो वे cmladlibahna.mp.gov.in पोर्टल पर जाकर स्टेटस चेक कर सकते हैं. इसके लिए वेबसाइट पर ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ विकल्प पर क्लिक करना होगा. फिर समग्र आईडी या रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर Get OTP पर क्लिक करें. मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज करने के बाद अकाउंट का पूरा स्टेटस सामने आ जाएगा.

कब हुई थी लाडली बहन योजना की शुरुआत?

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत साल 2023 में हुई थी. शुरुआत में हर माह 1000 रुपये दिए जाते थे, जिसे बाद में 1250 रुपये किया गया था. अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह कर दिया है. इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है और सरकार इसे 'महिला सम्मान की सबसे बड़ी योजना' बता रही है.