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India Daily

ट्रंप ने ईरान पर बड़े हमले का प्लान किया कैंसिल, कहा- डील बेहद करीब, हस्ताक्षर का इंतजार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ समझौता करीब है, जिसके चलते उन्होंने प्रस्तावित सैन्य हमले रद्द कर दिए. हालांकि ईरान और अन्य संबंधित देशों की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
ट्रंप ने ईरान पर बड़े हमले का प्लान किया कैंसिल, कहा- डील बेहद करीब, हस्ताक्षर का इंतजार
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मध्य पूर्व में पिछले कुछ दिनों से बढ़ते तनाव के बीच एक नया मोड़ सामने आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत फाइनल स्टेज पर पहुंच गई है और इसी वजह से उन्होंने नियोजित सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला लिया है. ट्रंप ने कहा, वार्ता के प्रमुख बिंदुओं पर व्यापक सहमति बन चुकी है और समझौते पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सकती है. हालांकि इस दावे को लेकर अभी कई सवाल बने हुए हैं, क्योंकि संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है.

हमले रोकने का किया दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान के खिलाफ तय सैन्य हमले और बमबारी को रद्द कर दिया है. उनके अनुसार, बातचीत ईरान के शीर्ष नेतृत्व स्तर तक पहुंच चुकी है और वहां से उसे मंजूरी भी मिल गई है. ट्रंप ने कहा कि वार्ता में सकारात्मक प्रगति के संकेत मिलने के बाद सैन्य विकल्प को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया गया. यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच बयानबाजी और तनाव लगातार बढ़ रहा था. ट्रंप के इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है.

समझौते को लेकर बड़ी बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि प्रस्तावित समझौते के प्रमुख बिंदुओं को कई देशों का समर्थन प्राप्त है. उन्होंने अमेरिका, इजरायल, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, तुर्किये, पाकिस्तान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और मिस्र जैसे देशों का उल्लेख किया. ट्रंप के मुताबिक, समझौते की रूपरेखा पर व्यापक स्तर पर सहमति बन चुकी है. हालांकि उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. ईरान या ट्रंप द्वारा उल्लेखित अन्य देशों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि समझौता वास्तव में किस चरण में है और उसकी शर्तें क्या होंगी.

तनाव के बीच बदला घटनाक्रम

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ दिन पहले तक दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर दिखाई दे रहा था. ईरान के वरिष्ठ नेता और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा था कि कोई भी नई सैन्य कार्रवाई क्षेत्रीय संकट को और गहरा कर सकती है. उन्होंने यह भी कहा था कि इससे ऊर्जा बाजारों और बुनियादी ढांचे पर गंभीर असर पड़ सकता है. दूसरी ओर ट्रंप ने पहले कड़े तेवर दिखाते हुए अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई और ईरान के प्रमुख तेल निर्यात ढांचे पर नियंत्रण की बात कही थी. ऐसे माहौल में अचानक समझौते की संभावना सामने आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

ऊर्जा बाजारों पर भी नजर

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि मौजूदा नौसैनिक नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक प्रस्तावित समझौता औपचारिक रूप से पूरा नहीं हो जाता. उन्होंने संकेत दिया कि समझौते से जुड़ी आगे की जानकारी और हस्ताक्षर समारोह की घोषणा जल्द की जाएगी. इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया की नजर बनी हुई है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के रिश्तों का असर केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहता. तेल बाजार, समुद्री व्यापार और वैश्विक कूटनीति भी इससे प्रभावित होती है. अब सभी की निगाह इस बात पर है कि क्या बातचीत वास्तव में अंतिम समझौते तक पहुंचती है या फिर तनाव का नया दौर शुरू होता है.