श्योपुर: मध्य प्रदेश के श्योपुर में एक सांड ने गांव वालों और प्रशासन की चिंता करीब दो दिन तक बढाए रखी. ददूनी गांव में एक सांड करीब 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर जा चढा. ऊपर पहुंचने के बाद वह नीचे आने को तैयार नहीं हुआ. करीब 42 घंटे तक सांड टंकी पर ही फंसा रहा. आखिरकार पुलिस, पशुपालन विभाग और प्रशासन की टीम ने क्रेन की मदद से उसका सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया.
यह मामला श्योपुर शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर ददूनी गांव का है. गांव में बनी पानी की ऊंची टंकी पर सांड को चढा देखकर ग्रामीणों की भीड जमा हो गई. लोगों ने उसे नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन सांड नीचे आने के बजाय ऊपर ही बना रहा. ग्रामीणों के लिए सबसे बडी चिंता यह थी कि इतनी ऊंचाई से सांड के गिरने का खतरा था.
Bull Climbs 50-Foot Water Tank, Rescued After 36 Hours
— Siraj Noorani (@sirajnoorani) September 9, 2026
In Daduni village of Sheopur, Madhya Pradesh, a bull climbed onto a 50-foot-high water tank and remained stuck there for about 36 hours. To bring the bull down, veterinarians first administered a sedative injection to calm… pic.twitter.com/BhLhaKOGc8
ददूनी पंचायत के सचिव महेश गौड के मुताबिक सांड पर लगातार नजर रखी जा रही थी और पुलिस तथा प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई थी. सांड ने एक बार नीचे आने की कोशिश भी की थी लेकिन टंकी के नीचे ग्रामीणों की बडी भीड देखकर वह डर गया और वापस ऊपर चला गया. इसके बाद ग्रामीणों ने भीड को नियंत्रित करने की कोशिश की, ताकि सांड को नीचे आने का मौका मिल सके.
रविवार की शाम से मंगलवार तक सांड करीब 42 घंटे तक टंकी पर फंसा रहा. इस दौरान पंचायत की ओर से उसके खाने और पानी की व्यवस्था की गई. प्रशासन और पुलिस की टीम भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थी. कई प्रयासों के बावजूद सांड को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारना संभव नहीं हो सका.
मंगलवार को प्रशासन ने श्योपुर से क्रेन मंगवाई. इसके बाद पुलिस, पशुपालन विभाग और प्रशासन की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. मानपुर थाना प्रभारी सतीश दुबे के मुताबिक पुलिस टीम ने पशुपालन विभाग के साथ मिलकर सांड को नीचे उतारने की कार्रवाई की. पशु चिकित्सा अधिकारी सचिन उपाध्याय ने सांड को बेहोशी की दवा दी.
दवा का असर होने के बाद क्रेन की मदद से सांड को सावधानीपूर्वक नीचे उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई. करीब दो घंटे तक चले ऑपरेशन में टीम ने पूरी सावधानी बरती. आखिरकार सांड को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया. रेस्क्यू के बाद गांव वालों ने राहत की सांस ली.