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India Daily

भोपाल में किसानों का महाघेराव! MSP से ई-टोकन तक इन मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन

मध्य प्रदेश में हजारों किसान मूंग की शत-प्रतिशत एमएसपी खरीद, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने और भूमि रिकॉर्ड के आधार पर खाद वितरण की मांग को लेकर भोपाल पहुंचे. प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
भोपाल में किसानों का महाघेराव! MSP से ई-टोकन तक इन मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन
Courtesy: social media

मध्य प्रदेश में किसानों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है. संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले हजारों किसान अपनी प्रमुख मांगों को लेकर भोपाल पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया, जबकि प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए.

मांगों को लेकर भोपाल पहुंचे किसान

संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान भोपाल पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवास का घेराव करने की कोशिश की. रास्ते में कई स्थानों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे. किसान हाथों में तिरंगा लेकर "जय जवान, जय किसान" के नारे लगाते हुए राजधानी की ओर बढ़े. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. किसानों के साथ पानी, भोजन और जरूरी सामान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी मौजूद रहीं.

क्या हैं किसानों की प्रमुख मांगें?

प्रदर्शन कर रहे किसानों की सबसे बड़ी मांग मूंग की फसल की 100 प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित करने की है. इसके अलावा किसान ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करने और भूमि रिकॉर्ड के आधार पर खाद वितरण लागू करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण कई किसानों को समय पर फसल बेचने और उर्वरक प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. किसान संगठनों का आरोप है कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसानों की आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी.

प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

किसानों के मार्च को देखते हुए भोपाल और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया. वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. सीहोर जिले के बुधनी से लेकर भोपाल तक कई स्थानों पर अतिरिक्त बैरिकेड लगाए गए ताकि प्रदर्शनकारियों की आवाजाही नियंत्रित की जा सके. इसके बावजूद किसान पैदल आगे बढ़ते रहे. प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया है.

राजनीति भी हुई तेज, सरकार पर बढ़ा दबाव

किसानों के आंदोलन ने राजनीतिक माहौल भी गर्मा दिया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर मूंग खरीद की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की. उन्होंने दावा किया कि राज्य में निर्धारित खरीद लक्ष्य की तुलना में अब तक बहुत कम खरीद हो सकी है, जिससे किसानों को अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है. सरकार की ओर से फिलहाल किसानों की मांगों पर औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, जबकि आंदोलनकारी समाधान मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात कह रहे हैं.