सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में वर्ष 2015 की पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामले में 888 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है. जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ए जार्ज मसीह की अदालत ने राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को निर्देश दिया है कि रिक्त पदों पर परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद नियुक्ति से वंचित इन अभ्यर्तियों की दावेदारी पर अधिकतम आयु सीमा में छूट देकर पुर्निविचार करे.
अदालत ने इन अभ्यर्थियों को नए सिरे से फिजीकल और मेडिकल एग्जाम कराने का भी आदेश दिया. अदालत ने राज्य सरकार और आयोग को 13 जुलाई तक आदेश का पालन संबंधी रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी. यह पूरा मामला जेएसएससी की ओर से जारी पुलिस कांस्टेबल भर्ती से जुड़ा है.
दरअसल, याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्हें प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के साथ-साथ शारीरिक दक्षता परीक्षा, मेडिकल जांच तथा दस्तावे सत्यापन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक कर ली थी, इसके बाद भी 29 मई 2017 को घोषित अंतिम परिणाम में उनके नाम शामिल नहीं किए गए.
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि महिला और होमगार्ड श्रेणी में पर्याप्त योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध न होने के कारण बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए थे. अभ्यर्थियों ने कहा कि झारखंड राज्य पुलिस भर्ती नियमावली, 2014 के नियम 5(4) के अनुसार होमगार्ड को आरक्षित 50 प्रतिशत पद खाली रहने की स्थिति में उन्हें गैर-होमगार्ड अभ्यर्थियों से भरा जाना चाहिए थे लेकिन ऐसा नहीं किया गया.
इस मामले को लेकर अभ्यर्थियों ने पहले हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी लेकिन हाईकोर्ट ने याचिकाएं खारिज कर दी. इसके बाद अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और आयोग को निर्देश दिया कि 27 मई 2026 तक रिकार्ड में मौजूद केवल 888 अभ्यर्थियों के मामलों पर विचार किया जाए और कोई नया दावा स्वीकार न किया जाए.
कोर्ट ने कहा कि अभ्यर्थियों की बढ़ती उम्र को देखते हुए शारीरिक एवं मेडिकल टेस्ट के मानकों में भी आवश्यक रियायत दी जा सकती है लेकिन ऐसे मानकों में कोई छूट नहीं दी जा सकती जो उम्र से प्रभावित न होते हों.
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चयनित पाए जाने पर इन अभ्यर्थियों को वर्तमान कांस्टेबलों की वरिष्ठता सूची में सबसे अंत में स्थान दिया जाएगा. हालांकि इनके बीच आपसी वरिष्ठता वर्ष 2015 की मूल मेरिट सूची के आधार पर निर्धारित होगी.
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि वर्तमान में कांस्टेबल के 2,380 पद खाली हैं. इसमें से 1,168 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि शेष 1,212 पद किसी भी वर्ग के योग्य अभ्यर्थियों से भरे जा सकते हैं.