खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के बाद एक दर्दनाक हादसा हो गया. तोरपा थाना क्षेत्र के कोटेंगसेरा मौसीबाड़ी के पास लोहे के रथ को सड़क किनारे करने के दौरान उसका ऊपरी हिस्सा 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन से छू गया. करंट फैलते ही रथ को धक्का दे रहे कई छात्र उसकी चपेट में आ गए. हादसे में दो छात्रों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए.
जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 12 बजे श्रीहरि प्लस टू विद्यालय के कुछ छात्र भोजन अवकाश के दौरान मौके पर पहुंचे थे. उस समय स्थानीय लोग भगवान जगन्नाथ के लोहे के रथ को सड़क किनारे करने का प्रयास कर रहे थे. छात्र भी उनकी मदद के लिए रथ को धक्का देने लगे. इसी दौरान रथ का ऊपरी हिस्सा हाईटेंशन बिजली तार से टकरा गया और पूरे रथ में करंट दौड़ गया.
करंट लगते ही मौके पर अफरा तफरी मच गई. कुछ छात्र तुरंत जमीन पर गिर पड़े, जबकि दो छात्र कुछ समय तक रथ से चिपके रहे. स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कराई और सभी घायलों को तोरपा रेफरल अस्पताल पहुंचाया. गंभीर रूप से घायल चार छात्रों को बाद में खूंटी सदर अस्पताल भेजा गया.
अस्पताल में चिकित्सकों ने 17 वर्षीय चंदन कुमार और 17 वर्षीय तीजेश्वर गोप को मृत घोषित कर दिया. दोनों इंटर के छात्र थे. हादसे में घायल कमलेश गोप, रुपेश कुमार सिंह, अरमान आलम, पंकज राम, गिरिराज यादव, सूजे लोहरा और निलय एक्का का इलाज जारी है. डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है.
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है. स्थानीय प्रशासन ने मामले की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू किया. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटना की जांच शुरू कर दी.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए.
यह हादसा एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों के दौरान बिजली लाइनों के आसपास सुरक्षा मानकों का पालन करने की आवश्यकता को उजागर करता है. प्रशासन ने लोगों से ऐसे आयोजनों में पूरी सावधानी बरतने और किसी भी जोखिम की स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग को सूचना देने की अपील की है.