रांची: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के बीच एक बड़ी सफलता सामने आई है. 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली नेता की पत्नी और भाकपा माओवादी की एरिया कमेटी सदस्य अनीता किस्कू उर्फ बबीता ने गिरिडीह पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. आत्मसमर्पण के बाद उसने संगठन के भीतर शोषण और ग्रामीणों पर होने वाली हिंसा को संगठन छोड़ने की मुख्य वजह बताया. पुलिस का मानना है कि इस कदम से राज्य में नक्सली गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा.
अनीता किस्कू ने मंगलवार को गिरिडीह पुलिस केंद्र में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हथियार डाल दिए. झारखंड पुलिस के अनुसार वह राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति "नई दिशा एक नई पहल" से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया.
अनीता के आत्मसमर्पण से तीन दिन पहले ही उसके पति अजय महतो उर्फ टाइगर को झारखंड पुलिस ने गिरफ्तार किया था. अजय महतो पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था. वह पारसनाथ क्षेत्र का एरिया कमांडर रह चुका था और उसके खिलाफ हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षा बलों पर हमले तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित 240 से अधिक मामले दर्ज बताए गए हैं.
करीब 30 वर्षीय अनीता किस्कू बोकारो जिले की रहने वाली है और उसने चौथी कक्षा तक पढ़ाई की है. पुलिस के अनुसार वह पारसनाथ जोन, लुगु पहाड़, झुमरा पहाड़ और कोल्हान क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों में सक्रिय रही. संगठन में उसकी जिम्मेदारियों में ग्रामीणों में डर फैलाना और लेवी वसूलना शामिल था.
आत्मसमर्पण के बाद अनीता ने बताया कि वर्ष 2009 में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान उसका संपर्क माओवादी संगठन से हुआ था. वर्ष 2017 में उसने जंगल में अजय महतो से विवाह किया. उसने आरोप लगाया कि संगठन के वरिष्ठ नेताओं द्वारा लगातार शोषण किया जाता था और ग्रामीणों के साथ अनावश्यक मारपीट की जाती थी. इन घटनाओं से वह मानसिक रूप से परेशान हो गई थी. पति की गिरफ्तारी के बाद उसने संगठन छोड़कर सामान्य जीवन में लौटने का निर्णय लिया.
पुलिस के अनुसार अनीता के खिलाफ हत्या, लूट, विस्फोटक अधिनियम, गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम और शस्त्र अधिनियम सहित 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं. गिरिडीह के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बिमल कुमार ने कहा कि उसके आत्मसमर्पण से गिरिडीह, बोकारो, कोल्हान और सिंहभूम क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा. उन्होंने अन्य नक्सलियों से भी हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की.