पटना: NEET परीक्षा विवाद और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित बिहार बंद के दौरान पटना में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज रहीं. छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया. घटना के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई.
शनिवार को बिहार बंद के समर्थन में तेज प्रताप यादव छात्रों के साथ पटना के रामगुलाम चौक पहुंचे, जहां उन्होंने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया. इसके बाद प्रदर्शनकारी डाक बंगला चौराहे की ओर मार्च करने लगे. पुलिस ने एग्जिबिशन रोड के पास उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और हिरासत में ले लिया. बाद में शाम के समय जब वह शहर के एक मॉल में मौजूद थे, तब पुलिस की टीम वहां पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई. इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि हुई.
पटना पुलिस ने अभी तक गिरफ्तारी के पीछे किसी विशेष कानूनी आधार की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है. हालांकि, प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि बिना अनुमति प्रदर्शन करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर यह कार्रवाई की गई. तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई और विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. इस घटनाक्रम ने बिहार बंद को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया.
#WATCH | Patna, Bihar: JJD chief Tej Pratap Yadav alleged that he was detained after he extended support to protesting students in Patna.
— ANI (@ANI) July 25, 2026
(Source: Tej Pratap Yadav Office) pic.twitter.com/MX2WjUKkZp
बिहार बंद के दौरान डाक बंगला चौराहे पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई. प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया और पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित किया. कई लोगों को हिरासत में लिया गया. घटनास्थल और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. पालीगंज समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया है. एहतियात के तौर पर प्रशासन ने राजधानी के सभी निजी स्कूलों को शनिवार के लिए बंद रखने का आदेश दिया था. तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है, जबकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति और सुरक्षा बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.