हजारीबाग: हजारीबाग के बिष्णुगढ़ में 12 साल की एक लड़की के साथ रेप और उसके बाद हत्या के मामले की जांच के लिए एक SIT बनाई गई है. इस टीम की अगुवाई IPS अधिकारी शुभम भाऊसाहेब कर रहे हैं. उन्हें एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया गया है.
यह अपराध तब हुआ जब लड़की अपनी मां के साथ 'मंगला शोभायात्रा' देखने गई थी. परिवार वालों का आरोप है कि लड़की को अगवा किया गया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस अभी इस घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.
झारखंड के पुलिस महानिदेशक यानी DGP तदाशा मिश्रा ने रविवार को बताया कि लड़की के साथ कथित रेप और हत्या की तेजी से जांच करने के लिए तीन सदस्यों वाली एक SIT बनाई गई है. इस स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की अगुवाई प्रोबेशनरी IPS अधिकारी शुभम भाऊसाहेब कर रहे हैं.
टीम में बिष्णुगढ़ के सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी बैजनाथ प्रसाद और बिष्णुगढ़ थाने के इंचार्ज सपन महथा भी शामिल हैं. बिष्णुगढ़ थाने के इंचार्ज सपन महथा इस मामले में जांच अधिकारी के तौर पर भी काम कर रहे हैं.
DGP ने बताया कि SIT को एक हफ़्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है. जांच के दौरान टीम मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच करेगी. पुलिस के मुताबिक 24 मार्च की रात लड़की अपनी मां के साथ बिष्णुगढ़ इलाके के कुसुम्बा गांव में रामनवमी की 'मंगला शोभायात्रा' देखने गई थी. बाद में 25 मार्च को गांव के ही एक खेत में उसका शव मिला.
SIT का नेतृत्व कर रहे ASP शुभम नागरगोज ने खुद अपराध स्थल का बारीकी से मुआयना किया और जरूरी सबूत इकट्ठा किए. ASP ने बताया कि वैज्ञानिक सबूत इकट्ठा करने में थोड़ा समय लग रहा है, लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस सही दिशा में काम कर रही है. उन्होंने आगे कहा कि वे मामले के हर पहलू की जांच कर रहे हैं, और बहुत जल्द ही इस अपराध का खुलासा हो जाएगा और दोषियों को जेल भेज दिया जाएगा.
पूर्व सांसद और BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. यदुनाथ पांडे ने मांग की है कि इस मामले की जांच CBI से कराई जाए. उन्होंने कहा कि इस घटना ने समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है. राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए डॉ. पांडे ने जोर देकर कहा कि दोषियों को मौत की सजा मिलना ही सच्चा न्याय होगा.