रांची: झारखंड की राजधानी रांची में अपराधियों और गैंगस्टर्स पर नकेल कसने के लिए रांची पुलिस ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है जिसे 'ऑपरेशन प्रहार' नाम दिया गया है. इस स्पेशल कैंपेन के तहत पुलिस ने पिछले दो दिनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अलग-अलग इलाकों से 100 से ज्यादा अपराधियों को गिरफ्तार किया है.
इसके साथ ही सालों से पेंडिंग पड़े 220 से अधिक गिरफ्तारी वारंटों को भी तामील कराया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वांटेड अपराधियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ रांची में चलाया गया यह अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों में से कई ऐसे थे जो लंबे समय से फरार चल रहे थे और बार-बार पुलिस को चकमा दे रहे थे. इन शातिर अपराधियों को दबोचने के लिए रांची पुलिस ने कई टीमें बनाईं और शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में रात के वक्त ताबड़तोड़ छापेमारी की.
यह पूरा ऑपरेशन रांची के एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर चलाया गया थी जिसे सिटी एसपी, रूरल एसपी और ट्रैफिक एसपी ने मिलकर लीड किया. पुलिस ने जिन अपराधियों को पकड़ा है, वे हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और रंगदारी जैसे बेहद गंभीर मामलों में शामिल थे. पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से इलाके में एक्टिव क्रिमिनल गैंग्स की कमर टूट जाएगी.
रांची पुलिस ने साफ किया है कि 'ऑपरेशन प्रहार' का मुख्य मकसद जिले में अपराध पर लगाम लगाना, गैंग्स को खत्म करना और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है. वैसे, यह पहली बार नहीं है जब रांची पुलिस ने ऐसा कड़ा कदम उठाया हो. इससे पहले जून 2025 में तत्कालीन एसएसपी चंदन सिन्हा के नेतृत्व में करीब 60 पुलिस टीमों ने एक ही रात में अभियान चलाकर 121 अपराधियों को दबोचा था.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आम जनता की सुरक्षा और शांति के लिए आने वाले दिनों में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी. इस लगातार चल रहे क्रैकडाउन से जहां आम लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ेगा तो वहीं रांची और उसके आसपास के इलाकों में एक्टिव अपराधियों के मन में खौफ भी पैदा होगा.