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झारखंड में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी, हर जिले के मेडिकल कॉलेजों में बनेगा 50 बेड का जच्चा-बच्चा अस्पताल

झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की तैयारी है. हर जिले में 50 बेड का जच्चा-बच्चा अस्पताल बनाने की योजना है. सदर अस्पतालों को मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
झारखंड में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी, हर जिले के मेडिकल कॉलेजों में बनेगा 50 बेड का जच्चा-बच्चा अस्पताल
Courtesy: Pinterest (Representative image)

रांची: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और बेहतर बनाने की दिशा में सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. राज्य के मेडिकल कॉलेजों में अब रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की तैयारी की जा रही है. इसके साथ ही हर जिले में 50 बेड का मैटरनिटी एंड चाइल्ड हेल्थ अस्पताल बनाया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं.

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने गुरुवार को सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की. उन्होंने सिविल सर्जनों, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और अधीक्षकों के साथ वर्चुअल बैठक की. बैठक में अस्पतालों को मजबूत करने, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और मानव संसाधन की कमी दूर करने पर चर्चा हुई.

हर जिले में 50 बेड का जच्चा-बच्चा अस्पताल

बैठक में मैटरनिटी एंड चाइल्ड हेल्थ अस्पतालों के विकास पर विस्तार से चर्चा हुई. प्रस्तावित अस्पताल 50 बेड के होंगे. इनमें जरूरी विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी. शुरुआती योजना के तहत प्रत्येक अस्पताल में करीब 10 चिकित्सकों की व्यवस्था करने पर विचार किया गया है. इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है.

सभी सदर अस्पताल बनेंगे मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल

राज्य के सभी सदर अस्पतालों को मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई. इसके लिए जरूरी मशीनों, चिकित्सा उपकरणों, मानव संसाधन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का आकलन किया जा रहा है.

मेडिकल कॉलेजों में होगी रोबोटिक सर्जरी

अजय कुमार सिंह ने मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया. उन्होंने सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने का निर्देश दिया. इसके लिए आवश्यक मशीनें उपलब्ध कराने की बात कही गई है. मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी दूर करने के लिए जरूरत के अनुसार संविदा पर शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा सकती है.

मोतियाबिंद के इलाज पर भी जोर

बैठक में सदर अस्पतालों में फेको विधि से मोतियाबिंद के ऑपरेशन की स्थिति की जानकारी ली गई. ज्यादातर जिलों में यह सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई. जिन जिलों में फेको विधि से ऑपरेशन नहीं हो रहा है, वहां के चिकित्सकों को रिम्स रांची में प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए.

स्वाइन फ्लू को लेकर भी तैयारी

अपर मुख्य सचिव ने सभी सिविल सर्जनों को स्वाइन फ्लू से बचाव और संभावित मरीजों के इलाज के लिए जरूरी तैयारियां पूरी करने को कहा. साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

125 हॉस्पिटल मैनेजर होंगे तैनात

सरकारी अस्पतालों की प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करने के लिए जल्द ही 125 हॉस्पिटल मैनेजर तैनात किए जाएंगे. प्रत्येक जिले को दो हॉस्पिटल मैनेजर उपलब्ध कराने की योजना है. इसके अलावा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड किया जाएगा और वहां भी हॉस्पिटल मैनेजर की नियुक्ति होगी. अनुमंडल अस्पतालों में भी इनकी तैनाती की जाएगी.

विशेषज्ञ डॉक्टरों की होगी नियुक्ति

राज्य के सभी जिलों में अनुबंध के आधार पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं. विभाग के अनुसार अनुबंध पर नियुक्ति से जुड़ी नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है. इससे अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है.