Praggnanandhaa Grand Chess Tour: भारतीय शतरंज जगत में गुरुवार को एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला. चेन्नई के ग्रैंडमास्टर आर प्रग्गनानंधा ने ग्रैंड चेस टूर का खिताब जीतकर नया कीर्तिमान रच दिया. वे यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए. डिफेंडिंग चैंपियन फबियानो कारुआना के खिलाफ शानदार कमबैक खेलते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की.
क्लासिकल गेम्स के बाद प्रग्गनानंधा कारुआना से 3-9 से पीछे थे. यानी छह प्वाइंट का बड़ा अंतर था. प्रग्गनानंधा ने कहा कि दिन की शुरुआत में उन्हें ज्यादा उम्मीद नहीं थी. लेकिन उन्होंने रैपिड के दोनों मुकाबले जीतकर स्कोर 11-9 कर लिया. ब्लिट्ज में कारुआना ने एक गेम जीतकर स्कोर बराबर किया, लेकिन प्रग्गनानंधा ने अगला गेम जीतकर फिर बढ़त बना ली. आखिरी गेम में उन्हें सिर्फ ड्रॉ की जरूरत थी, जिसे उन्होंने थ्रीफोल्ड रिपिटिशन से हासिल कर लिया. कुल छह मुकाबलों में प्रग्गनानंधा ने तीन जीते, दो ड्रॉ किए और एक हारे.
यह खिताब उनके शानदार साल की एक और उपलब्धि है. इस साल कैंडिडेट्स में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उन्होंने नॉर्वे चेस जीता, जहां उन्होंने मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया. इसके बाद सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज का खिताब जीता और सिनक्वेफील्ड कप में पहला स्थान साझा किया. प्रग्गनानंधा ने कहा, ‘कैंडिडेट्स जीतना अच्छा होता, लेकिन ऐसा टूर्नामेंट जीतना भी बड़ी उपलब्धि है. इसमें बहुत चरित्र दिखाना पड़ता है और मैं अंत तक लड़ पाया, इससे खुशी है.’
उन्होंने इस खिताब को विश्व चैंपियनशिप के बाद सबसे बड़ा बताया. “विश्व चैंपियनशिप सबसे ऊपर है, लेकिन ग्रैंड चेस टूर भी बहुत ऊंचे दर्जे का है,” प्रग्गनानंधा ने कहा. इस जीत के साथ उन्हें 2 लाख डॉलर का पुरस्कार मिला. पूरे सीजन में उन्होंने 4,04,354 डॉलर की प्राइज मनी हासिल की. साथ ही 2027 के टूर में जगह भी पक्की हो गई.
लगभग एक महीने तक सेंट लुइस में खेलने के बाद अब उनका अगला बड़ा मुकाबला चेस ओलंपियाड है. यह 16 से 27 सितंबर तक उजबेकिस्तान के समरकंद में होगा. भारत यहां अपना खिताब बचाने उतरेगा और प्रग्गनानंधा टीम का हिस्सा होंगे.