रांची: झारखंड में JSSC CGL परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियां रद्द किए जाने के फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है. रांची में सोमवार रात से शुरू हुआ प्रदर्शन मंगलवार को और तेज हो गया. करीब 500 अभ्यर्थियों ने प्रोजेक्ट भवन धुर्वा के सामने फ्लैश लाइट मार्च निकाला और सरकार से न्याय की मांग की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन मेहनत से चयन पाने वालों को सजा न मिले.
सोमवार देर रात करीब 100 सफल अभ्यर्थी सचिवालय के आसपास जुटे थे. मंगलवार को प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़कर 500 से अधिक हो गई. रात में अभ्यर्थियों ने मोबाइल और फ्लैश लाइट के साथ प्रोजेक्ट भवन के सामने मार्च निकाला. इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से न्याय की मांग करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और चयन का सम्मान किया जाए. उनका कहना है कि आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से JSSC CGL परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियां रद्द करने की घोषणा के बाद चयनित उम्मीदवारों में नाराजगी बढ़ी है. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का तर्क है कि परीक्षा में यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उनका कहना है कि पूरी परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने से उन उम्मीदवारों को नुकसान हो रहा है, जिन्होंने वर्षों की तैयारी के बाद सफलता हासिल की.
आंदोलन कर रहे कुछ चयनित अभ्यर्थी पहले ही झारखंड सरकार की नौकरी में योगदान दे चुके हैं. उनका कहना है कि नियुक्ति पत्र मिलने के बाद उन्होंने अपनी पुरानी नौकरियां छोड़ दी थीं. कई उम्मीदवारों ने केंद्र सरकार या दूसरे विभागों में मिले अवसर भी छोड़ दिए. अब नियुक्ति रद्द होने के बाद उनके सामने रोजगार और भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है. वे सरकार से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग कर रहे हैं.
अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर जांच में किसी उम्मीदवार, अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन जिन अभ्यर्थियों ने नियमों के तहत परीक्षा पास की है, उनके भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों तथा निर्दोष चयनित उम्मीदवारों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाए.
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से JSSC CGL मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जांच पूरी होने तक नियुक्तियां रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए. अभ्यर्थियों ने संकेत दिया है कि आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा हो सकता है और राज्य के अलग-अलग हिस्सों से चयनित उम्मीदवार रांची पहुंच सकते हैं. उनका मुख्य जोर यही है कि अनियमितता के दोषियों को सजा मिले, लेकिन योग्य उम्मीदवारों का भविष्य सुरक्षित रहे.