झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच एक्टिविस्ट देवेंद्र नाथ महतो ने सोमवार को अपना अनशन समाप्त करने का फैसला किया. यह निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा JSSC-CGL परीक्षा और TDPL के माध्यम से हुई सभी भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद लिया गया. महतो लंबे समय से छात्रों की मांगों और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे थे.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को कहा कि TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं और प्रकाशित परिणाम रद्द किए जा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी के माध्यम से हुई परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को भी समाप्त किया जाएगा. सरकार के इस फैसले के बाद महतो ने अपना आंदोलन रोकने का निर्णय लिया. उन्होंने इसे छात्रों की मांगों पर सरकार की गंभीरता का संकेत बताया.
अनशन खत्म करने के बाद देवेंद्र महतो ने पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बात करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया. महतो ने कहा कि वांगचुक के मार्गदर्शन से ही उन्हें इस आंदोलन को जारी रखने की शक्ति मिली. उन्होंने छात्रों, अभिभावकों, मीडिया, पुलिस और झारखंड सरकार का धन्यवाद किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति भी आभार व्यक्त किया. महतो ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लिया गया और उनकी मांगों को पूरा किया गया. उन्होंने जांच प्रक्रिया में तेजी और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों पर कार्रवाई को भी महत्वपूर्ण बताया.
⚡Student leader Devendra Nath Mahato reached out to climate activist Sonam Wangchuk to express his gratitude. Crediting Wangchuk’s guidance for sustaining their agitation, Mahato stated that the government finally conceded on the 16th day of their hunger strike and the 23rd day… pic.twitter.com/mMFWoZq2WC
— Sahanaz Nawaz (@Naw_az) August 17, 2026
महतो ने इससे कुछ घंटे पहले कहा था कि वह छात्रों के न्याय और अधिकारों के लिए अपना अनशन जारी रखेंगे. उनका कहना था कि उनकी लड़ाई केवल मौजूदा आंदोलन तक सीमित नहीं है. वह शिक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार चाहते हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा के लिए इसी तरह संघर्ष न करना पड़े.
सरकार ने TDPL से जुड़ी परीक्षाओं के अलावा वर्ष 2014 से आयोजित परीक्षाओं की जांच का भी फैसला लिया है. मुख्यमंत्री के अनुसार CID और विशेष जांच दल यानी SIT की पड़ताल में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं. कथित परीक्षा धांधली और भर्ती में गड़बड़ी के मामलों में कुछ लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सरकार ने दी है. पूरे मामले की अलग जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति करेगी.
हेमंत सोरेन ने बताया कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार ने अमिताभ कौशल को जिम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने माना कि परीक्षाओं के संचालन के लिए SOP मौजूद थी, लेकिन उसका सही तरीके से पालन नहीं हुआ. सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कानून लागू करने का भी उल्लेख किया. अब परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करने पर जोर रहेगा.
JSSC-CGL रद्द होने और जांच की घोषणा के बाद छात्रों के आंदोलन को फिलहाल बड़ी सफलता मिली है. हालांकि सरकार के सामने आगे की परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से कराने और पुरानी शिकायतों की जांच पूरी करने की चुनौती है. देवेंद्र महतो ने भी संकेत दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार उनकी प्राथमिकता बनी रहेगी.