झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक बहस के बीच अब गिरिडीह विधानसभा सीट का उपचुनाव चर्चा में है. यह चुनाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्य में SIR की प्रक्रिया के बाद किसी विधानसभा सीट पर होने वाला यह पहला उपचुनाव होगा. गिरिडीह सीट झामुमो विधायक और राज्य सरकार में मंत्री रहे सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद खाली हुई है. सितंबर 2026 में उनके निधन के बाद अब इस सीट पर नए विधायक के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
गिरिडीह उपचुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा मतदाता सूची को लेकर है. SIR के दौरान मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया गया है और इसके बाद अंतिम सूची में नामों और मतदाताओं की संख्या में बदलाव देखने को मिल सकता है. गिरिडीह में नई मतदाता सूची जारी होने के बाद राजनीतिक दलों की नजर इस बात पर रहेगी कि कितने नाम हटे, कितने नए नाम जुड़े और किन इलाकों में मतदाताओं की संख्या में बदलाव हुआ. यही आंकड़े उपचुनाव के दौरान चुनावी समीकरण को समझने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं. निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर SIR 2026 से जुड़ी मतदाता सेवाएं और मतदाता सूची से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध हैं.
गिरिडीह में SIR की अंतिम मतदाता सूची को लेकर स्थानीय रिपोर्ट में 19 अक्टूबर 2026 की तारीख बताई गई है. हालांकि, निर्वाचन आयोग की उपलब्ध SIR समय सारणी में झारखंड समेत कुछ राज्यों के लिए अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 7 अक्टूबर 2026 दर्ज है. इसलिए अंतिम सूची की आधिकारिक तारीख को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से जारी ताजा कार्यक्रम को ही निर्णायक माना जाना चाहिए.
गिरिडीह विधानसभा सीट पर 2024 का मुकाबला बेहद करीबी रहा था. झामुमो के सुदिव्य कुमार सोनू ने BJP के निर्भय कुमार शाहाबादी को 3,838 वोटों के अंतर से हराया था. सुदिव्य सोनू को 94,042 वोट मिले थे, जबकि BJP उम्मीदवार निर्भय कुमार शाहाबादी के खाते में 90,204 वोट आए थे. दोनों उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर करीब 3,800 रहा था, जिससे साफ है कि पिछला चुनाव काफी प्रतिस्पर्धी था.
इससे पहले 2019 के विधानसभा चुनाव में भी सुदिव्य कुमार सोनू ने गिरिडीह सीट से जीत दर्ज की थी. उस चुनाव में उनकी जीत का अंतर 15,884 वोट रहा था. 2014 में यह सीट BJP के निर्भय कुमार शाहाबादी के पास थी.