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मां से बात करते हुए हाथ से छूटा फोन और टूट गया संपर्क..., दिल्ली अग्निकांड में झुलसने से हुई श्रुतिका की मौत

श्रुतिका एक मेधावी, प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी लड़की थीं. उनके परिजनों का कहना है कि वे हमेशा समाज के लिए कुछ अच्छा करने की सोच रखती थीं. उनकी पढ़ाई और करियर की राह बहुत उज्ज्वल थी. परिवार में उनकी मौत से शोक का माहौल है.

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Edited By: Antima Pal
मां से बात करते हुए हाथ से छूटा फोन और टूट गया संपर्क..., दिल्ली अग्निकांड में झुलसने से हुई श्रुतिका की मौत
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Shrutika Barnwal Death: दिल्ली के मालवीय नगर में होटल में लगी भीषण आग ने झारखंड के बोकारो जिले के एक परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया. आग की इस घटना में होनहार छात्रा श्रुतिका बरनवाल की दर्दनाक मौत हो गई. उस समय वह अपनी मां से फोन पर बात कर रही थीं. अचानक आग की अफरा-तफरी में उनका मोबाइल हाथ से छूट गया और मां-बेटी की बात अधूरी रह गई. कुछ देर बाद ही उनकी मौत की सूचना परिवार को मिली.

मोबाइल गिरा और बंद हो गई बेटी की आवाज

श्रुतिका उर्फ सुरभि बोकारो के जैनामोड़ की रहने वाली थीं. वे टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) मुंबई में वाटर पॉलिसी एंड गवर्नेंस प्रोग्राम (2024-26) की छात्रा थीं. मात्र एक महीने पहले ही उन्हें टीआईएसएस में नौकरी भी मिल गई थी. पढ़ाई के साथ-साथ वे मुंबई में काम कर रही थीं. शैक्षणिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए वे दिल्ली गई हुई थीं. 

दिल्ली अग्निकांड में झुलसने से हुई श्रुतिका की मौत

3 जून की सुबह जब होटल में अचानक आग लगी, श्रुतिका अपनी मां बबीता बरनवाल से फोन पर बातचीत कर रही थीं. होटल में भगदड़ मचते ही घबराहट में उनका फोन हाथ से गिर गया. इसके बाद संपर्क पूरी तरह टूट गया. परिवार वाले बार-बार कोशिश करते रहे लेकिन जवाब नहीं मिला. बाद में पता चला कि श्रुतिका गंभीर रूप से झुलस गई थीं और उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया.

श्रुतिका एक मेधावी, प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी लड़की थीं. उनके परिजनों का कहना है कि वे हमेशा समाज के लिए कुछ अच्छा करने की सोच रखती थीं. उनकी पढ़ाई और करियर की राह बहुत उज्ज्वल थी. परिवार में उनकी मौत से शोक का माहौल है. जब श्रुतिका का शव बोकारो लाया गया तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. सैकड़ों लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े. आस-पास के लोग उनकी अच्छाई और लगन की तारीफ कर रहे हैं. 

कई लोग कह रहे हैं कि इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाली श्रुतिका पूरे इलाके के लिए मिसाल थीं. यह घटना न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे बोकारो के लिए बहुत दुखद है. होटल अग्निकांड में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि ऐसी जगहों पर अग्निशमन और सुरक्षा के इंतजाम पहले से मजबूत होने चाहिए थे.