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रांची में अचानक भरभराकर गिरा पुराना वाटर टैंक, मलबे में दबे 2 मजदूरों की मौत; 3 का रेस्क्यू

रांची में मारवाड़ी कॉलेज के पास बुधवार शाम पुराने वाटर टैंक की स्लैब गिरने से बड़ा हादसा हो गया. मौके पर पांच मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से तीन सुरक्षित बाहर निकल गए, जबकि दो मलबे के नीचे दब गए.

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Edited By: Reepu Kumari
रांची में अचानक भरभराकर गिरा पुराना वाटर टैंक, मलबे में दबे 2 मजदूरों की मौत; 3 का रेस्क्यू
Courtesy: ANI

रांची में बुधवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मारवाड़ी कॉलेज के पास एक पुराने वाटर टैंक की स्लैब अचानक ढह गई. हादसे के वक्त वहां पांच मजदूर काम कर रहे थे. स्लैब गिरने के बाद दो मजदूर मलबे के नीचे फंस गए, जबकि तीन लोग किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों को मौके पर भेजा गया. इसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया.

हादसे की सूचना मिलने के बाद एनडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची. टीम ने मलबे में फंसे मजदूरों को तलाशने और बाहर निकालने का काम शुरू किया. एनडीआरएफ के 9वीं बटालियन के कमांडेंट एमडी सलीम रईम के मुताबिक, एक शव स्थानीय प्रशासन पहले ही निकाल चुका था. इसके बाद एनडीआरएफ ने दूसरे मजदूर का शव भी मलबे से बरामद कर लिया. दोनों शव पुलिस को सौंप दिए गए.

काम के दौरान अचानक टूटी स्लैब

पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल पर पुराने ढांचे को गिराने का काम चल रहा था. इसी दौरान स्लैब अचानक टूटकर नीचे आ गिरी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुराना वाटर टैंक कुछ ही पलों में भरभराकर नीचे आ गया, जिससे आसपास मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया. हादसे के बाद पुलिस को तुरंत सूचना दी गई और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची.

पांच में तीन मजदूर बच निकले

घटना के समय कुल पांच मजदूर वहां मौजूद थे. स्लैब गिरने के बाद तीन मजदूर सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे, लेकिन दो उसके नीचे दब गए. स्थानीय प्रशासन ने एक मजदूर का शव पहले बरामद कर लिया था. इसके बाद दूसरे मजदूर को निकालने के लिए एनडीआरएफ ने विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया. प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई जेसीबी ने भी बचाव अभियान में मदद की.

20 से 25 मिनट में पूरा हुआ अभियान

एनडीआरएफ के मुताबिक, दूसरे मजदूर को मलबे से बाहर निकालने में करीब 20 से 25 मिनट लगे. टीम ने बताया कि अभियान के दौरान किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा, क्योंकि जरूरी उपकरण उपलब्ध थे. जेसीबी की मदद से मलबा हटाया गया और फंसे मजदूर तक पहुंच बनाई गई. दोनों शवों को बरामद करने के बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया.

पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच

कोतवाली थाना प्रभारी सानोज चौधरी ने दोनों मजदूरों की मौत की पुष्टि की है. उनके अनुसार, बचाव अभियान शाम करीब 5 बजे से चल रहा था, जबकि स्लैब गिरने की घटना लगभग 5:30 से 6 बजे के बीच हुई. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि निर्माण ढांचे पर किस तरह का काम चल रहा था और आखिर स्लैब गिरने की वजह क्या रही. मामले की जांच जारी है.