सोनीपत: हरियाणा के सोनीपत में पिट बुल के हमले से छह महीने की बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई. घटना सिक्का कॉलोनी की है, जहां बच्ची अपनी मौसी के साथ बाहर घूमने निकली थी. इसी दौरान अचानक एक पिट बुल ने महिला और उसकी गोद में मौजूद बच्ची पर हमला कर दिया. हमले की पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई.
CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि कुत्ता महिला की ओर तेजी से दौड़ता है और उस पर झपट पड़ता है. हमले के दौरान महिला का संतुलन बिगड़ जाता है और वह बच्ची समेत सड़क पर गिर जाती है. इसके बाद पिट बुल बच्ची को अपने मुंह में दबोच लेता है.
Pitbull pet attacks 6 month old kid in Sonipat Haryana.
— Ankur Singh (@AnkurSingh) September 17, 2026
Check how relaxed is the Pitbull owner, sorry parent, while the dog was brutally attacking the kid.
Kid is severely injured, in hospital.
But Dog Lovers will still defend it. Justify it by saying dog must be hungry,… pic.twitter.com/K2LSXf8tUK
बच्ची को बचाने के लिए आसपास मौजूद लोगों ने कुत्ते को हटाने की कोशिश की, लेकिन वह बच्ची को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था. वीडियो में बच्ची को सड़क पर घसीटे जाते हुए देखा गया. काफी कोशिशों के बाद लोगों ने कुत्ते को दूर किया.
हमले में बच्ची के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं. उसकी हालत को देखते हुए उसे इलाज के लिए रोहतक के अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. फिलहाल बच्ची के परिवार की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है.
घटना के बाद कुत्ते के मालिक की जिम्मेदारी और पालतू जानवर रखने के नियमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि क्या पिट बुल जैसे शक्तिशाली कुत्ते को रखने के लिए जरूरी नियमों और सुरक्षा उपायों का पालन किया जा रहा था.
ऐसा ही एक मामला पिछले साल दिल्ली के विनय एन्क्लेव में सामने आया था. यहां छह साल के बच्चे पर पिट बुल ने हमला कर दिया था. हमले में बच्चे के दाहिने कान का एक हिस्सा अलग हो गया था और उसे गंभीर चोटें आई थीं. बाद में कुत्ते के मालिक को हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया गया था.
भारत में पिट बुल को लेकर पूरे देश में एक समान प्रतिबंध लागू नहीं है. हालांकि कुछ नगर निकायों और स्थानीय प्रशासन ने पिट बुल, रॉटवीलर और अन्य आक्रामक मानी जाने वाली नस्लों को पालने पर स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध या पाबंदियां लगाई हैं. गाजियाबाद और चंडीगढ़ जैसे शहरों में ऐसे कुत्तों को पालतू जानवर के रूप में रखने पर प्रतिबंध संबंधी नियम लागू किए गए हैं.