नई दिल्ली: गर्म और शुष्क पश्चिमी हवाओं के चलते हरियाणा में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और भी बढ़ने की संभावना है. कई जिलों में लू जैसी स्थितियां बन गई हैं और अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों जैसे चक्कर आने के मामले आने शुरू हो गए हैं.
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पश्चिमी रेगिस्तानों से आने वाली हवाओं ने पूरे क्षेत्र से नमी लगभग पूरी तरह खत्म कर दी है. इसके अलावा किसी भी सक्रिय मौसम प्रणाली की अनुपस्थिति और साथ में तेज धूप के कारण दिन और रात, दोनों समय के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.
फिलहाल हरियाणा, NCR और दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान 42°C से 46°C के बीच दर्ज किया जा रहा है. सोमवार को सिरसा में सबसे ज्यादा तापमान 46.2°C दर्ज किया गया. इसके अलावा रोहतक में तापमान 45.2°C तक पहुंच गया जबकि हिसार नारनौल और भिवानी, सभी जगहों पर तापमान 44°C से ज्यादा दर्ज किया गया. राज्य के कई हिस्सों में झुलसा देने वाली गर्मी और लू जैसी स्थितियां बनी हुई हैं.
आने वाले हफ्ते में भी मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है. भीषण गर्मी का असर और भी बढ़ने की संभावना है, खासकर हरियाणा के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में. अगले चार से पांच दिनों तक तेज, धूल भरी हवाएं चलने की भी संभावना है, जिनकी गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें, खूब पानी पिएं, और गर्मी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बरतें. राज्य भर में लगातार बढ़ते तापमान और लू जैसी स्थितियों को देखते हुए, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने निवासियों से सतर्क रहने का आग्रह किया है.
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप और गर्म हवाओं से खुद को बचाने के लिए शरीर में पानी की कमी न होने देना बेहद जरूरी है. दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे के बीच बिना किसी जरूरत के घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए. अगर बाहर निकलना बहुत जरूरी हो, तो अपने सिर को कपड़े या टोपी से ढकें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें.