menu-icon
India Daily

पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत, हरियाणा में 20 प्रतिशत आरक्षण का पूरा खाका हुआ तैयार

हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में 20 प्रतिशत आरक्षण का श्रेणीवार विभाजन लागू कर दिया है. इसमें 11 प्रतिशत आरक्षण आरक्षित वर्गों और 9 प्रतिशत अनारक्षित वर्ग के लिए तय किया गया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत, हरियाणा में 20 प्रतिशत आरक्षण का पूरा खाका हुआ तैयार
Courtesy: Pinterest (Representative image)

हरियाणा: हरियाणा सरकार ने सरकारी नौकरियों में पूर्व अग्निवीरों को मिलने वाले 20 प्रतिशत आरक्षण को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है. सरकार ने इस आरक्षण का श्रेणीवार विभाजन अधिसूचित कर दिया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण का स्पष्ट और समान रूप से पालन किया जा सके. इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने संशोधित दिशा निर्देश जारी किए हैं. यह संशोधन सरकार के 20 अगस्त 2025 को जारी आदेश में आंशिक बदलाव करते हुए किया गया है.

नई व्यवस्था के अनुसार पूर्व अग्निवीरों को मिलने वाला कुल 20 प्रतिशत आरक्षण पहले की तरह जारी रहेगा, लेकिन अब इसे विभिन्न सामाजिक श्रेणियों में बांट दिया गया है. सरकार के अनुसार कुल 11 प्रतिशत आरक्षण आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित किया गया है, जबकि 9 प्रतिशत सीटें अनारक्षित वर्ग के पूर्व अग्निवीरों के लिए रहेंगी.

किसे कितना मिलेगा आरक्षण?

संशोधित नियमों के तहत वंचित अनुसूचित जाति यानी डीएससी के लिए 2 प्रतिशत, अन्य अनुसूचित जाति यानी ओएससी के लिए 2 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग ए के लिए 3 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग बी के लिए 2 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस के लिए 2 प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है. इसके अलावा शेष 9 प्रतिशत सीटें अनारक्षित वर्ग के पूर्व अग्निवीरों के लिए सुरक्षित रहेंगी. इस तरह कुल आरक्षण 20 प्रतिशत ही रहेगा.

सरकार ने और क्या कहा?

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था फिलहाल पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में वन रक्षक, कारागार विभाग में प्रिजन वार्डर और खान एवं भूविज्ञान विभाग में माइनिंग गार्ड के पदों पर होने वाली सीधी भर्तियों में लागू होगी. इन पदों पर भर्ती के दौरान नए नियमों के अनुसार आरक्षण का पालन किया जाएगा.

भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और एक समान बनाने के लिए प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग अलग रोस्टर प्वाइंट भी निर्धारित किए गए हैं. इससे सभी विभागों में आरक्षण नीति का प्रभावी और एकरूप क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा. सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह की अस्पष्टता नहीं रहेगी और सभी पात्र पूर्व अग्निवीरों को उनके वर्ग के अनुसार आरक्षण का लाभ मिलेगा.

संशोधित निर्देशों में क्या कहा गया है?

मुख्य सचिव की ओर से जारी संशोधित निर्देशों की प्रतियां सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों और निगमों के प्रबंध निदेशकों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल तथा राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को भेज दी गई हैं. सभी संबंधित विभागों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. सरकार का उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास को मजबूत करना और उन्हें सरकारी सेवाओं में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है.