menu-icon
India Daily

कांग्रेस में बदलेगा ‘कुर्सी कल्चर’! हरियाणा में मंच की राजनीति खत्म कर कार्यकर्ताओं को मिलेगा बराबरी का सम्मान

हरियाणा कांग्रेस ने संगठन को चुनावी तैयारी तक सीमित रखने के बजाय राजनीतिक आंदोलनों का आधार बनाने की रणनीति तैयार की है. बेरोजगारी, महिला आरक्षण और स्थानीय मुद्दों को बूथ स्तर तक पहुंचाने की तैयारी है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
कांग्रेस में बदलेगा ‘कुर्सी कल्चर’! हरियाणा में मंच की राजनीति खत्म कर कार्यकर्ताओं को मिलेगा बराबरी का सम्मान
Courtesy: Pinterest

हरियाणा कांग्रेस अब संगठन को केवल चुनाव के समय सक्रिय करने के बजाय लगातार राजनीतिक संघर्ष का जरिया बनाने की तैयारी में है. प्रदेश प्रभारी संजय सतीशचंद्र दत्त ने मंगलवार को चंडीगढ़ दौरे के दौरान प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के साथ कई बैठकें कीं. इनमें संगठन सृजन अभियान की समीक्षा के साथ महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस और पंचायती राज प्रकोष्ठ को नई जिम्मेदारियां देने पर चर्चा हुई. पार्टी का लक्ष्य भाजपा सरकार के खिलाफ मुद्दों को गांव से बूथ तक पहुंचाना है.

मंच की सियासत खत्म, कार्यकर्ताओं को बराबरी

कांग्रेस ने संगठन के भीतर मंच और कुर्सियों को लेकर होने वाली खींचतान खत्म करने का फैसला किया है. अब कार्यक्रमों में मंच पर सिर्फ वक्ता रहेगा, जबकि अन्य नेता और कार्यकर्ता नीचे एक साथ बैठेंगे. पार्टी इसे गुटबाजी घटाने और कार्यकर्ताओं को समान राजनीतिक महत्व देने की कोशिश बता रही है. ब्लॉक स्तर के अधिवेशनों को भी इसी सोच के साथ राजनीतिक सक्रियता का केंद्र बनाया जा रहा है.

महिलाओं को आंदोलन से जोड़ने की तैयारी

महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा और प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी के साथ बैठक में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई. महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन खड़ा करने की योजना बनाई गई. इसके अलावा नवचयनित और पूर्व जनप्रतिनिधियों का एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित करने पर भी सहमति बनी. कांग्रेस की कोशिश है कि महिला संगठन केवल चुनावी गतिविधियों तक सीमित न रहे, बल्कि राजनीतिक आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाए.

रोजगार के मुद्दे पर युवाओं को लामबंद करेगी पार्टी

युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब, प्रभारी सत्यवान गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष निशित कटारिया के साथ बैठक में बेरोजगारी को प्रमुख मुद्दा बनाने पर मंथन हुआ. राहुल गांधी के आह्वान पर चल रहे ‘छात्रों व युवाओं की गूंज’ कार्यक्रम को ब्लॉक और बूथ तक ले जाने का रोडमैप तैयार किया गया. प्रभारी ने युवाओं को रोजगार के सवाल पर जोड़कर बड़े जनआंदोलन की जमीन तैयार करने पर जोर दिया.

गांव से बूथ तक संगठन मजबूत करने पर जोर

राजीव गांधी पंचायती राज प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुनील पंवार के साथ ग्रामीण इलाकों में संगठन मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हुई. मंडलों की मैपिंग और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रगति भी जांची गई. नूंह के पिनगवां, गुरुग्राम के बादशाहपुर, अंबाला के साहा और कुरुक्षेत्र के शाहबाद में हुए ब्लॉक अधिवेशनों से पार्टी उत्साहित है. कांग्रेस अब इसी मॉडल को अन्य ब्लॉकों तक ले जाने की तैयारी कर रही है.