चंडीगढ़: डिजिटल ठगी और धमकी भरे कॉल्स के बढ़ते मामलों के बीच हरियाणा पुलिस ने एक नई पहल की है. DGP अजय सिंघल ने शनिवार को 'अभेद्य' नाम का ऐप लॉन्च किया, जो यूजर्स को संदिग्ध कॉल्स, वसूली के मैसेज और स्टॉकिंग से बचाने में मदद करेगा.
खास बात यह है कि यह ऐप खतरे को पहचानकर उसे यूजर तक पहुंचने से पहले ही रोक देता है. हाल ही में खुद डीजीपी भी एक डिजिटल ठगी का शिकार होते-होते बचे थे.
हरियाणा में पिछले दो वर्षों में वसूली और फर्जी कॉल्स के मामलों में तेजी आई है. 2024 में 178 और 2025 में 107 मामले सामने आए. ऐसे में पुलिस के लिए यह जरूरी हो गया था कि लोगों को पहले से सुरक्षित किया जाए, ताकि वे धोखाधड़ी का शिकार न बने.
डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉलर की फोटो पुलिस इंस्पेक्टर की थी. कॉलर ने गिरफ्तारी वारंट की बात कही. हालांकि, उन्हें जल्द ही एहसास हुआ कि यह कॉल पड़ोसी मुल्क से आ रही थी, क्योंकि नंबर का कंट्री कोड +92 था.
उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पत्नी को भी इसी तरह का फोन आया था. वह फोन लेकर मेरे पास आई और बोली कि एक पुलिस अधिकारी बार-बार फोन कर रहा है और यह आपके लिए ही होगा. मैंने उनसे कहा कि फोन का जवाब न दे.
'अभेद्य' ऐप व्हाट्सऐप कॉल और अनजान नंबरों से आने वाले मैसेज को स्कैन करता है. अगर नंबर संदिग्ध या इंटरनेशनल पाया जाता है, तो ऐप तुरंत कॉल ब्लॉक कर देता है और मैसेज को फोन तक पहुंचने से पहले ही हटा देता है.
ऐप अज्ञात नंबरों से आने वाली WhatsApp कॉल और मैसेज पर नजर रखता है. अगर कोई नंबर संदिग्ध पाया जाता है, तो सिस्टम तुरंत कॉल रिजेक्ट कर देता है और नंबर को ब्लॉक कर देता है और यूजर के फोन से नोटिफिकेशन, वॉइस नोट या चैट हटा देता है.
यह ऐप डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है. इससे आम लोग फर्जी कॉल्स, ऑनलाइन धमकी और साइबर अपराध से बच सकेंगे. पुलिस को उम्मीद है कि इससे ठगी के मामलों में कमी आएगी.