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इस रसोई में क्या पक रहा है? दिल्ली में नशे की फैक्ट्री का भंडाफोड़, साधारण घर से चल रहा था करोड़ों का खेल

दक्षिण जिला पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देवली इलाके में चल रही एक गुप्त ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है.

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Edited By: Reepu Kumari
इस रसोई में क्या पक रहा है? दिल्ली में नशे की फैक्ट्री का भंडाफोड़, साधारण घर से चल रहा था करोड़ों का खेल
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: दिल्ली में सिंथेटिक ड्रग्स का बढ़ता नेटवर्क कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है. इसी क्रम में दक्षिण जिला पुलिस को एक अहम सफलता हाथ लगी है. पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अब ड्रग्स तस्करी केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि शहर के भीतर ही निर्माण की दिशा में बढ़ चुकी है.

यह मामला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि ड्रग्स निर्माण इकाई किसी औद्योगिक क्षेत्र में नहीं, बल्कि घनी आबादी वाले देवली इलाके में संचालित हो रही थी. बाहर से सामान्य दिखने वाला यह मकान अंदर से पूरी तरह एक रासायनिक रसोईघर में तब्दील था. लंबे समय से यह गतिविधि चुपचाप चल रही थी, जिससे स्थानीय लोगों को भनक तक नहीं लगी.

देवली के साधारण घर से चल रही थी ड्रग्स लैब

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी का घर एमडीएमए और हेरोइन के निर्माण के लिए पूरी तरह सुसज्जित था. घर के भीतर रसायनों को मिलाने, गर्म करने और क्रिस्टल तैयार करने की व्यवस्था थी. भारी मात्रा में रसायनों की मौजूदगी से साफ होता है कि यहां केवल परीक्षण नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा था. यह गतिविधि लंबे समय से चल रही थी.

113 किलोग्राम रसायन और कच्चा माल जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 16 किलोग्राम क्रिस्टलीय पदार्थ और 16 किलोग्राम भूरे दाने जैसे पदार्थ बरामद किए. इसके अलावा कई कंटेनरों में रखे 51 किलोग्राम तरल रसायन और 30 बिना लेबल वाली कांच की बोतलें भी जब्त की गईं. कुल मिलाकर 113 किलोग्राम कच्चा माल मिला, जिसका उपयोग उच्च गुणवत्ता वाली ड्रग्स बनाने में किया जाना था.

बिक्री के दौरान पकड़ा गया आरोपी

डीसीपी दक्षिण अंकित चौहान के अनुसार, 20 जनवरी को पुलिस टीम ने आरोपी को उस समय रोका जब वह संसाधित हेरोइन बेचने की कोशिश कर रहा था. पैदल गश्त के दौरान उसकी संदिग्ध गतिविधियों ने पुलिस का ध्यान खींचा. तलाशी में एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की प्रीमियम हेरोइन बरामद हुई, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ.

निर्माता की भूमिका में था इमैनुअल

जांच में यह बात सामने आई कि इमैनुअल केवल एक सप्लायर नहीं था. उसके पास औद्योगिक स्तर के कच्चे रसायनों को तैयार ड्रग्स में बदलने की तकनीकी जानकारी थी. इससे संकेत मिलता है कि वह गिरोह में निर्माता या प्रमुख आपूर्तिकर्ता की भूमिका निभा रहा था. पुलिस को शक है कि उसका संबंध एक बड़े नाइजीरियाई ड्रग्स गिरोह से है.

अवैध प्रवास और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच

पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपी भारत में अवैध रूप से रह रहा था और लंबे समय से देवली इलाके में छिपकर काम कर रहा था. उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. विशेष टीम गठित कर सप्लाई चेन, फंडिंग और फरार साथियों की तलाश की जा रही है. इतनी बड़ी बरामदगी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की ओर इशारा करती है.