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दिल्ली दंगा केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को फिर लगा झटका, हाईकोर्ट ने तीसरी बार ठुकराई जमानत याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका को एक बार फिर खारिज कर दिया है.

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Edited By: Reepu Kumari
दिल्ली दंगा केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को फिर लगा झटका, हाईकोर्ट ने तीसरी बार ठुकराई जमानत याचिका
Courtesy: Pinterest

राजधानी दिल्ली से एक बड़ी कानूनी खबर सामने आई है, जिसने 2020 दिल्ली दंगा साजिश केस के आरोपियों को एक और झटका दिया है. बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया. जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस दिनेश भट्ट की बेंच ने दोनों की तीसरी जमानत अर्जी पर यह फैसला सुनाया.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश को देखते हुए फिलहाल जमानत देना संभव नहीं है. यह लगातार तीसरी बार है जब हाईकोर्ट ने खालिद और इमाम की जमानत याचिका को नामंजूर किया है. इस फैसले से दोनों आरोपियों को कानूनी मोर्चे पर एक और बड़ा झटका लगा है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश में बदलाव संभव नहीं

सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट की बेंच ने साफ किया कि वह सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी के आदेश में कोई बदलाव नहीं कर सकती. उस आदेश में कहा गया था कि दोनों आरोपी संरक्षित गवाहों की गवाही पूरी होने या आदेश पारित होने की तारीख से एक साल पूरा होने, इनमें से जो भी पहले हो, उसके बाद ही जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसी शर्त का हवाला देकर हाईकोर्ट ने राहत देने से इनकार किया.

UAPA के तहत दर्ज है मामला

गौरतलब है कि खालिद और इमाम पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी यूएपीए के तहत मामला दर्ज है. दोनों पर आरोप है कि वे फरवरी 2020 में हुए दंगों के मास्टरमाइंड में से एक थे, जिसमें 53 लोगों की जान गई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. यह हिंसा नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान भड़की थी.

कोर्ट में पुलिस ने किया विरोध

इस मामले में सक्रिय कार्यकर्ता खालिद सैफी और आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित कई अन्य लोगों पर भी बड़ी साजिश में शामिल होने का आरोप है, जिसकी जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है. सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में जमानत याचिकाओं का पुरजोर विरोध किया और दावा किया कि दोनों आरोपी दंगों के मास्टरमाइंड हैं. इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने भी 4 जुलाई को दोनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी.

पहले भी मिल चुका है झटका

गौर करने वाली बात यह है कि इमाम को 25 अगस्त 2020 को और खालिद को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया था. 2 सितंबर 2025 को भी हाईकोर्ट की एक डिवीजन बेंच दोनों की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी को इसी मामले में सह-आरोपी गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को राहत जरूर दी थी.