Delhi School Bomb Threat: शुक्रवार को दिल्ली के कई निजी स्कूलों को बम की धमकी वाले ईमेल मिले, जिससे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में दहशत फैल गई. जिन स्कूलों को ये धमकियां मिलीं, उनमें द्वारका सेक्टर 16 स्थित आंध्रा स्कूल, सीआरपीएफ स्कूल, नजफगढ़ स्थित संत दर्शन पब्लिक स्कूल और गोयला डेयरी स्थित शांति ज्ञान निकेतन स्कूल शामिल हैं.
जैसे ही संदेश मिले, पुलिस और बम निरोधक दस्ते (bomb squad) की टीमें निरीक्षण करने और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में पहुंच गईं.
अधिकारियों के अनुसार, सभी छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने स्कूल की इमारतों की गहन जांच की. मानक सुरक्षा प्रक्रिया के तहत अग्निशमन विभाग की टीमें भी मौजूद थीं. सावधानीपूर्वक तलाशी के बाद, कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और बाद में पुलिस ने पुष्टि की कि धमकियां फर्जी थीं.
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली के स्कूलों को इस तरह की धमकियों का सामना करना पड़ा हो. इससे पहले, 11 अक्टूबर को बाहरी दिल्ली के एक निजी स्कूल को भी ईमेल के जरिए इसी तरह की बम की धमकी मिली थी. स्कूल प्रिंसिपल ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और पश्चिम विहार ईस्ट पुलिस स्टेशन को एक पीसीआर कॉल की गई. सुरक्षा दल तुरंत पहुंचे, परिसर को खाली कराया और स्कूल के हर कोने की जांच की. विस्तृत जांच के बाद, पुलिस ने पुष्टि की कि वहां कोई बम नहीं था और धमकी एक धोखा थी.
बाद में, साइबर अपराध इकाई ने ईमेल का पता एक छात्र से लगाया. पूछताछ के दौरान, किशोर ने स्वीकार किया कि उसने यह फर्जी ईमेल इसलिए भेजा था क्योंकि वह अपनी परीक्षाओं के डर से स्कूल में छुट्टी घोषित करवाना चाहता था. पुलिस ने मामला दर्ज किया और चेतावनी दी कि इस तरह के कृत्य गंभीर अपराध हैं और कड़ी सजा का प्रावधान है.
पिछले हफ्ते इसी तरह की एक घटना में, चेन्नई के पोएस गार्डन स्थित उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के आवास को बम की धमकी वाला एक ईमेल भेजा गया था. बम निरोधक दस्ते और एक खोजी कुत्ते की टुकड़ी सहित सुरक्षा दलों ने परिसर की तलाशी ली, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. अधिकारियों ने कहा कि यह भी एक धोखा था.
पुलिस का कहना है कि हाल ही में ईमेल के जरिए ऐसी कई फर्जी धमकियां भेजी गई हैं, जिससे बेवजह दहशत फैल रही है. अधिकारी अब इन संदेशों के स्रोतों का पता लगा रहे हैं ताकि जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके.